क्षेत्र में नहरों व माइनरों के कटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीती रात आल्हनमऊ माइनर कटने से ढाई सौ बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। सुबह खेतों में फसल जलमग्न देख कर किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
अफसरों और कर्मचारियों को फ ोन पर शिकायत के बाद जैसे ही सिंचाई विभाग के जेई व राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें घेर लिया। मामला तूल पकड़ता देख एसडीएम ने मौके पर जाकर किसानों को समझाया और बर्बाद हुई फसल की क्षतिपूर्ति देने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
सोमवार की बीती रात दरियाबाद ब्लॉक के अंतर्गत चमरौली मजरे के निकट आल्हनमऊ माइनर कटने से किसानों की करीब 250 बीघा फ सल डूब गई। सुबह खेत पानी से लबालब देख किसानों के होश उड़ गए।
ग्राम प्रधान चमरौली तूफ ानी यादव ने बताया कि न्याय पंचायत चमरौली से जुड़े भीखनपुर के किसानों की 250 बीघा से अधिक धान, गन्ना, मेंथा आदि फ सलें माइनर कटने से डूब गई हैं। सूचना पर सिंचाई विभाग के जेई व राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो काश्तकारों ने उन्हें घेर कर बंधक बनने का प्रयास किया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम एसपी सिंह ने समझाकर किसानों को शांत कराया। एसडीएम ने माइनर कटने से हुई बर्बादी की क्षतिपूर्ति के लिए राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को आंकलन करने के निर्देश दिए।
मौके पर करिया, पचई, रघुराज यादव, चन्द्रिका, रामप्रताप यादव, मदन, बाबादीन, छेदन, बरसाती निवासी भीखनपुर भाई लाल निवासी चमरौली की सारी फ सल जलमग्न हो गई। किसानों ने एसडीएम को नहर की पटरी पक्की कराने व अविलंब क्षतिपूर्ति देने की मांग की।