बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि सीवियर एनिमिक गर्भवती महिलाओं की सेहत पर विशेष नजर रखी जाए। कहा कि इसके अलावा कुपोषित बच्चों के पोषण में और सुधार की जरूरत है। जिलाधिकाीर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में जिला स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने पोषण को एक समेकित दायित्व बताया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सीडीपीओ को सीवियर एनिमिक गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत रूप से विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्हें रक्त अल्पता की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रयास करने को कहा गया। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के पोषण में सकारात्मक सुधार के लिए विशेष निर्देश दिए गए। सैम और मैम बच्चों के स्वास्थ्य का देखभाल रखने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम को नियमित विजिट करने के लिए निर्देशित किया गया। लापरवाही बरतने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इस मौके पर सीडीओ अन्ना सुदन आदि मौजूद रहे।
बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी निर्धारित सूचकांकों की शत-प्रतिशत फीडिंग पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस डिजिटल माध्यम से गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की निगरानी में प्रभावशीलता आती है। साथ ही 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की निगरानी भी प्रभावी ढंग से होती है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी लाभार्थी डेटा से वंचित न रहे।