बाराबंकी। गेहूं खरीद शुरू हुए एक पखवाड़े से अधिक हो रहा है पर 32 केंद्र ऐसे हैं जहां पर अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है। यहां पर तैनात केंद्र प्रभारी गेेहूं खरीद में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिसके चलते यहां पर किसान भी गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। यहीं वजह है कि गेहूं खरीद को रफ्तार नहीं मिल पा रही है।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। इस बार गेहूं खरीद के लिए जिले में 87 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इनमें से 55 केंद्रों पर तो बोहनी हो चुकी है और इन केंद्रों के माध्यम से अभी तक 584 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी की जा सकी है लेकिन 32 केंद्र ऐसे है जिन पर अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि बेमौसम बारिश की वजह से जो गेहूं क्रय केंद्रों पर आ रहा है उसकी गुणवत्ता एफसीआई के मानक के अनुसार नहीं। इसके अलावा गेहूं की चमक कम हो गई है तथा गेहूं में अभी भी नमी बनी हुई है। यहीं वजह है कि क्रय केंद्र प्रभारी गेहूं की खरीद में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं और न ही किसानों से संपर्क कर रहे हैं।
किसान भी सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए बाजार में नकद उत्पाद बेचने में ज्यादा रुचि दिखा रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं बेचने के बाद भुगतान के लिए सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए नकद बेचना ज्यादा बेहतर है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ा है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगे गए हैं जिससे खरीद को गति मिल सके।