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Barabanki News: अभियान के साथ जिम्मेदारी भी खत्म, ई रिक्शा से ढोए जा रहे बच्चे

Sun, 19 Apr 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। एआरटीओ का विशेष अभियान समाप्त होते ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा फाइलों में बंद हो गई है। एक पखवाड़े तक सड़कों से गायब रहे ओवरलोडेड ई रिक्शा अब फिर खुलेआम बच्चों को ढोते नजर आ रहे हैं। इन ई रिक्शा में बच्चे बिना किसी मानक या रोक टोक के ले जाए जा रहे हैं।
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एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक चले अभियान के दौरान एआरटीओ की सख्ती का असर दिखा था। स्कूलों के आसपास अवैध रूप से बच्चों को ढोने वाले ई रिक्शा कम हो गए थे। अभिभावकों को लगा था कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गया है, लेकिन अभियान की समय सीमा खत्म होते ही पुरानी स्थिति लौट आई है।
कई निजी विद्यालयों के बाहर सुबह और छुट्टी के समय ई रिक्शों का जमावड़ा लग जाता है। एक-एक रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हैं। चालकों को किसी कार्रवाई का डर नहीं है। जिम्मेदार विभाग भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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अभियान का प्रभाव और वापसी
एआरटीओ के विशेष अभियान के दौरान अवैध ई रिक्शा सड़कों से दूर रहे। ई रिक्शा की मनमानी पर कुछ हद तक अंकुश भी लगा। इस दौरान अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उम्मीद जगी थी। अभियान की समाप्ति के बाद यह उम्मीद टूट गई। अब फिर से सड़कों पर क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाते ई रिक्शा दिख रहे हैं। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।


नियमों की अनदेखी और विभाग का रुख
इन ई रिक्शा के पास स्कूल वाहन का परमिट नहीं होता है। बच्चों को ले जाने की अनुमति भी इनके पास नहीं है। फिर भी इनका संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। कम खर्च और घर के पास से सुविधा के कारण अभिभावक भी इन पर निर्भर हैं। एआरटीओ अंकिता शुक्ला ने बताया कि ई रिक्शा से बच्चों को स्कूल लाना या ले जाना प्रतिबंधित है। इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
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