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Barabanki News: कोई इंजीनियर तो कोई बनना चाहता है डॉक्टर

Thu, 16 Apr 2026 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण, ये हैं उन छात्र-छात्राओं की पहचान जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन किया। जब लगन और लक्ष्य मिलते हैं, तो शिक्षा में चमत्कार होते हैं। कुछ छात्र-छात्राएं लगातार घंटों पढ़ाई करके, आत्म-नियंत्रण और समर्पण के साथ अपने सपनों की ओर बढ़ते हैं, और जिले में अपनी मेहनत का परिणाम शानदार अंकों और टॉप रैंक के रूप में पाते हैं। ये युवा प्रतिभाएं साबित करती हैं कि दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और जुनून के साथ कोई भी शिखर असंभव नहीं, हर सपना साकार किया जा सकता है।
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समृद्धि पांडेय ने इंजीनियर बनने के अपने सपने के लिए 97.8 प्रतिशत अंक तो अभिनव यादव ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के जूनून के साथ खुद को निरंतर परिश्रम से तराशा। डॉक्टर बनने का सपना संजोए स्निग्धा और किसान की बेटी प्रिया वर्मा ने भी कठिन मेहनत और आत्म-नियंत्रण के दम पर हाईस्कूल में बेहतरीन अंक हासिल कर सफलता की नई मिसाल कायम की। इन होनहार छात्रों की कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और जुनून किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी हैं।

इंजीनियर बनना चाहती हैंं समृद्धि
समृद्धि पांडेय की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। समृद्धि के माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित परिश्रम को दिया। उनका सपना भविष्य में इंजीनियर बनने का है।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का जुनून
सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के टॉप छात्र अभिनव यादव खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाने का लक्ष्य रखने वाले अभिनव रोजाना छह घंटे सेल्फ-स्टडी करते हैं और पढ़ाई के लिए केवल एनसीईआरटी की किताबों पर भरोसा करते हैं। उनके पिता तेज प्रताप यादव व्यवसायी हैं, जबकि मां अमिता यादव गृहिणी हैं। उनकी मेहनत और आत्म-नियंत्रण ने उन्हें विद्यालय और जिले में उत्कृष्टता दिलाई।

डॉक्टर बनने की ठानी, पढ़ाई में लगातार टॉप
सेठ एमआर जयपुरिया की होनहार छात्रा स्निग्धा ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल कर साबित किया कि लक्ष्य की ठान लेना ही सफलता की कुंजी है। स्निग्धा का सपना डॉक्टर बनने का है। रोजाना छह घंटे की निरंतर पढ़ाई के साथ उन्होंने अपनी उपलब्धि हासिल की। स्निग्धा माता-पिता और शिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं। उनके पिता रामसेवक गुप्ता यूपीपीसीएल में अधिकारी हैं, जबकि मां मुद्रिका गुप्ता गृहिणी हैं।

किसान की बेटी प्रिया का इंजीनियर बनने का सपना
एमबी कॉलेज की प्रिया वर्मा ने हाईस्कूल में 97.4 प्रतिशत अंक लाकर अपने विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया। पिता जयनारायन वर्मा किसान हैं, लेकिन प्रिया का लक्ष्य इंजीनियर बनना है। वह स्कूल से लौटते ही पढ़ाई का रिवीजन करती हैं और रोजाना तीन घंटे सेल्फ स्टडी करती हैं। परीक्षा के दौरान 6-7 घंटे पढ़ाई करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित किया कि परिश्रम से कोई भी सपना सच हो सकता है। मां ममता वर्मा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर हैं।
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