बाराबंकी। मौसम का मिजाज बदल रहा या फिर पराली जलाने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मामला कुछ भी हो मगर, आसमान में छाई धुंध लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। सुबह-शाम शुरू हुई गुलाबी ठंड का एहसास तो हो रहा है मगर, दिन में छाई धुंध का असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है।
बुधवार को शहर के देवा रोड स्थित ओवरब्रिज पर कुछ इस तरह का दृश्य देखने को मिला। यह नजारा सुबह व रात का नहीं है। बल्कि सायंकाल के चार बजने की ओर घड़ी इशारा कर रही थी तो सूूर्य देवता भी आसमान की ऊंचाइयों की ओर नीचे खिसक रहे थे। मगर, इसी समय आसमान में छाई धुंध देख हर किसी में घर जाने की जल्दी दिखी। कुछ दूरी पर आते-जाते वाहन तक नहीं दिख रहे है।
ऐसे में सफर तय करने के लिए लोगों को दिन में ही मजबूरी में वाहनों की लाइट जलाना पड़ी। हाइवें पर भी कुछ ही था। मगर, शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी जहां किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में खेतों की उर्वराशक्ति के साथ पर्यावरण पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव अब आमजन के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
समय रहते अगर, इस पर ध्यान नही दिया गया तो आने वाले समय पर इसके परिणाम भयावह साबित होगे। हालांकि उपकृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने बताया कि पराली जलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के साथ किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।