नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले छह शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कई दिनों से विद्यालय से गायब रहने वाले तीन अनुदेशकों को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
बीएसए ने सोमवार को हरख ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। बीएसए ने बताया कि जब वह प्राथमिक विद्यालय भुलभुलियापुर पहुंचे तो यहां पर तैनात शिक्षिका आकांक्षा गुप्ता के रजिस्टर पर हस्ताक्षर तो थे लेकिन वह विद्यालय में मौजूद नहीं थी। जिस पर इन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद बीएसए जूनियर विद्यालय सैदहा पहुंचे। यहां पर शिक्षक ओमप्रकाश, प्रतिभा और राघवेंद्र तो मौजूद थे लेकिन कक्षों में सन्नाटा पसरा हुआ था। अभिलेखों का निरीक्षण किया तो उस पर 43 बच्चे पंजीकृत थे लेकिन मौके पर सिर्फ एक छात्र ही मौजूद था। बीएसए ने जब इसका कारण पूछा तो तीनों शिक्षक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिस पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर में तैनात शिक्षक छोटेलाल पिछले तीन दिनों से बिना सूचना के गायब पाए गए। जिस पर इन्हें निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय अयाजनगर में तैनात शिक्षिका सुस्मिता मिश्रा विद्यालय के समय विद्यालय से गायब मिली जिस पर इन्हें भी निलंबित किया गया है। जूनियर विद्यालय इब्राहिमाबाद में तैनात अनुदेशक सोनालिका वर्मा, आरती देवी और सौरभ पिछले कई दिनों से बिना सूचना के गायब थे। जिस पर इनकी संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक गायब मिले तो कई अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते पाए गए। जिस पर छह शिक्षकों को निलंबित करते हुए जवाब तलब किया गया है। वहीं, तीन अनुदेशकों को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।