बाराबंकी। मुसाफिरों की सुविधा को देखते हुए रोडवेज के बेड़े में छह नई अनुबंधित बसें शामिल की गई हैं। इन बसों के शामिल होने से अनुबंधित बसों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है। इनमें दो बसें बिसवां, दो बसें बहादुरपुर और दो बसें बलरामपुर रूट पर चलेंगी। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
परिवहन निगम के रूटों पर डग्गामार बसों के समानांतर संचालन से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मौजूदा समय में जिले में परिवहन निगम की 115 बसें संचालित हो रही हैं और तकरीबन 32 हजार यात्री रोज सफर करते हैं।
मुसाफिरों की समस्या को लेकर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने मुख्यालय को पत्र भेजा था। तीन रूटों पर स्वीकृति मिलने के बाद छह अनुबंधित बसों का संचालन शुरू करा दिया है। इनमें दो बसें बिसवां, दो बसें बहादुरपुर और दो बसें बलरामपुर रूट पर चलेंगी। इससे इन रूटों की राह आसान हो गई है।
सबसे अधिक लखनऊ रूट पर है बसों की कमी
ज्यादातर यात्री लखनऊ का सफर अनुबंधित बस से करते हैं। सुबह तो बस आसानी से मिल जाती हैं मगर 11 बजे के बाद लखनऊ जाने के लिए अक्सर बसें नहीं मिलती। पूछताछ काउंटर पर भी बसों के आने व जाने के समय का कोई पता नहीं चल पाता है। जब बस आती है तब ही पता चलता है कि बस कहां जाएगी।
बुधवार दोपहर कई यात्री घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए। जैसे-तैसे बस मिली तो उनमें सीट को लेकर धक्कामुक्की होती दिखी। अपने परिवारजनों व सामान के साथ यात्री बस स्टेेशन परिसर में घंटों बस का इंतजार करते नजर आए। यही नहीं कई तो बस अड्डे से पटेल तिराहा की तरफ दौड़ लगाते हुए भी दिखे।
चिह्नित किए दस रूटों में 20-22 नई बसों के संचालन के लिए पत्र भेजा गया था। इसमें तीन रूटों पर छह बसों का संचालन शुरू करा दिया गया है। बसों का संचालन अपने निर्धारित समय से कराया जा रहा है। अन्य रूटों पर जल्द ही बसों का संचालन कराया जाएगा।
-आरएस वर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक