आग रात करीब साढ़े बारह बजे लगी, जब इन परिवारों के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग की लपटें उठने पर नींद टूटी और सभी ने भागकर अपनी जान बचाई। पिंटू लाल, अजय कुमार, पवन कुमार, रिंकू, दीपू और मउगा के घर पूरी तरह से जल गए। इन घरों की 10 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन, अनाज, रजाई, कपड़े और बच्चों की किताबें सहित सारा सामान जल गया। परिवारों के पास अब केवल वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे हैं। ग्रामीणों के साथ दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग काबू पाया।
ग्रामीण राम कैलाश ने बताया कि उन्होंने अचानक आग की लपटों देखी तो चिल्लाना शुरू किया, तब लोग जागे। आग लगने के स्थान के बगल में मवेशी भी बंधे थे, जिन्हें खोला गया। सिरौलीगौसपुर के तहसीलदार बालेंदु भूषण वर्मा ने बताया कि लेखपाल को भेजकर नुकसान का आकलन कराया गया है। रिपोर्ट आने पर आर्थिक सहायता और लाभ प्रदान किया जाएगा।