पल्हरी स्थित प्राथामिक विद्यालय का टूटा गेट व बाउंड्री।
बाराबंकी। सरकार परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चला रही है, लेकिन हकीकत में तस्वीर बदलती नहीं दिख रही। नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में सुधार के दावे बार-बार किए जा रहे हैं, जबकि स्थिति इसके एकदम उलट है। अब भी छह विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
नगर के 11 परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत 18 मानकों पर कार्य होना है। अलग शौचालय, टाइल्स लगी कक्षाएं, साफ पेयजल, रसोईघर, ब्लैकबोर्ड, कुर्सी-बेंच, रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंड वॉशिंग यूनिट, सुरक्षित बिजली व्यवस्था आदि। इनमें से सिर्फ पांच विद्यालयों में ही काम पूरा हो पाया है, जबकि छह विद्यालय अब भी फाइलों और प्रस्तावों के इंतजार में हैं। इन पांच विद्यालयों में कायाकल्प होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और शिक्षा का वातावरण पहले से बेहतर हुआ है। लेकिन जिन स्कूलों में यह सुविधा है, वहां के बच्चे रोजाना असुविधाओं और खतरों से जूझने को मजबूर हैं। नगर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय पल्हरी में कमरों की स्थिति जर्जर हो चुकी है और फर्श टूट गई है। परिसर में लगा हैंडपंप ठीक हालत में नहीं है। बाउंड्रीवाॅल पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। स्कूल बंद होने के बाद अराजकतत्वों का जमावड़ा लग जाता है। स्कूल चलता है तो छुट्टा मवेशी मंडराते रहते हैं। इससे बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न होता है।
वर्जन
परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य कराया जाएगा। कई विद्यालयों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बैठक में अनुमोदन के बाद जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
- संजय शुक्ला, ईओ नगरपालिका