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साइबर ठग गिरोह के छह गिरफ्तार, 22 लाख बरामद

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बाराबंकी। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीबों के खाते में साइबर फ्रॉड के करोड़ों रुपये के लेनदेन करने वाले गिरोह का नगर कोतवाली पुलिस व साइबर सेल टीम ने पर्दाफाश किया है। बंटी-बबली समेत गिरोह के छह शातिरों को गिरफ्तार कर 22 लाख रुपये की नकदी, कार, 17 मोबाइल फोन व भारी संख्या में एटीएम, पासबुक व सिमकार्ड बरामद किए। जबकि बिहार निवासी गैंग के सरगना की पुलिस तलाश कर रही है।
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इस बात की जानकारी शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में एसपी अनुराग वत्स ने दी। उन्होंने बताया कि यह बहुत बड़ा गैंग है और पूरे देश में साइबर फ्रॉड की घटनाएं कर रहा है। ऐसे में इसकी जांच बड़ी एजेंसी से कराने की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की गई है।
उन्होंने बताया कि नगर कोतवाली के दक्षिण टोला बंकी निवासी मो. मेराज, मो. फुरकान, मो. सुहैल ने एक शिकायती पत्र देकर बताया कि सरकारी योजनाओं के नाम पर युवक लकी व हुस्ना ने उनका खाता स्टेट बैंक की सट्टीबाजार शाखा में खुलवाया। उसके बाद उनके खातों से ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए लाखों रुपये का लेनदेन किया। इस पर नगर कोतवाली में जालसाजी व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया।
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इसकी जांच एएसपी उत्तरी पूर्णेदु सिंह व सीओ सिटी/साइबर सेल आतिश कुमार सिंह को दी गई। जिसके खुलासे के लिए साइबर सेल व नगर कोतवाली पुलिस की टीम लगाई गई। इसके बाद टीम ने रामनगर थाने के सुढ़ियामऊ निवासी लकी वर्मा, बंकी की हुस्ना उर्फ खुशनुमा, घुंघटेर थाना क्षेत्र के रमपुरवा निवासी अमित कुमार, बिहार के बेतिया जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र के निवासी चुन्नू, सीतापुर के सिधौली थाना क्षेत्र के बलुईया निवासी रविंद्र कुमार व सीतापुर के ही संदना थाना क्षेत्र के निवासी संदीप को गिरफ्तार किया।
इनके कब्जे से 22 लाख रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, 28 पासबुक,17 मोबाइल फोन, 68 सिमकार्ड व एक कार बरामद की। एसपी ने बताया कि इसके बाद नगर कोतवाली में दर्ज केस में अभिलेखों की हेराफेरी आदि की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। जिसका सरगना शाहिद अनवर है जो बिहार के बेतिया जिले का निवासी है।
उसकी तलाश के साथ इस बड़े गैंग की जांच किसी बड़ी एजेंसी से कराने की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की गई है। वहीं नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार पाण्डेय व साइबर सेल के प्रभारी रमाकांत भारती की टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने के साथ मेडल देने लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है। वहीं इस कार्य में ट्रेनिंग के दौरान सहयोग करने वाले ट्रेनी डिप्टी एसपी सुमित त्रिपाठी की एकेडमी को भी पत्र भेजा जाएगा।
लॉटरी, इनाम के नाम पर ठगी कर यूएनओ एप से करते थे लेनदेन
एसपी के मुताबिक, पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि उनके कुछ साथी कैंप लगाकर सिम बेचने का काम करते हैं। इस दौरान कम पढ़े-लिखे लोगों के मोबाइल पर एक से अधिक सिम को एक्टीवेट कर लेते थे। उसके बाद भोलेभाले लोगों को सरकारी योजनाओं के नाम पर 10-10 लोगों के समूह बनाकर एसबीआई व आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवा देते थे।
खाता खुलवाते समय खातों में वही फर्जी तरीके से एक्टीवेट कराये गए सिम के मोबाइल नंबर को रजिस्टर कराते व पासबुक व एटीएम अपने पास रख लेते थे। जिसे वह चुन्नू को बेच देते थे। इसके बाद बिहार स्थित कॉल सेंटर से लॉटरी, इनाम, दुर्घटना बीमा लोन आदि का प्रलोभन देने की कॉल करके उनके खातों से रुपये इन्हीं खातों में ट्रांजेक्शन कराकर यूएनओ एप से नेट बैंकिंग के जरिए खाताधारक की जानकारी के बिना रुपये निकाल लेते थे।
इसके बाद सारा रुपया इकट्ठा करते थे। जिसे गिरोह के सरगना शाहिद अनवर को देते थे। कमीशन के तौर पर प्रत्येक खाते का 25 हजार रुपये इन लोगों को मिलता था। इन लोगों ने ऐसे सैकड़ों बैंक खाते बेचे। जिसमें हुस्ना के खाते में एक करोड़ 60 हजार रुपये को लेनदेन होना पाया गया हैं।
पीड़ित तत्काल दें पुलिस को सूचना
एसपी अनुराग वत्स ने लोगों से अपील की है। अगर इस गिरोह के किसी व्यक्ति के संपर्क में आकर किसी ने बैंक में अपना खाता खोल रखा है। तो वह तत्काल इसकी सूचना दें ताकि उनके बैंक खातों की जानकारी करने के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जा सके।
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