कोठी थाने में एक बेटी अपने दिव्यांग पिता को ठेलिया पर बैठाकर लेकर पहुंची।
बाराबंकी। थाना समाधान दिवस में शनिवार को फरियादियों की भीड़ के बीच अलग-अलग समस्याएं सामने आईं। कोई चरागाह की जमीन से कब्जा हटवाने की गुहार लेकर पहुंचा तो कोई लेखपाल की रिपोर्ट पर सवाल उठाता दिखा। कोठी थाने में एक बेटी अपने दिव्यांग पिता को ठेलिया पर बैठाकर लेकर पहुंची।
वहीं, एक व्यक्ति ने पत्नी पर इलाज के लिए आर्थिक मदद न करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। कुल 32 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। हैदरगढ़ कोतवाली में बेलवा मजरे बहुता गांव निवासी सतगुरु, कल्लू और शिव प्रसाद अधिकारियों के सामने पहुंचे। उन्होंने चरागाह की जमीन पर कब्जे की शिकायत की।
ग्रामीणों ने बताया कि विपक्षी ने रास्ते पर भी कब्जा कर लिया है, जिससे गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शिकायत सुनने के बाद एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह ने लेखपाल को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। दीवानगंज मजरे पोखरा गांव में चकमार्ग पर खड़ंजा निर्माण को लेकर भी विवाद सामने आया।
निर्माण का विरोध करने वाले ग्रामीण के खिलाफ अधिकारियों ने शांति भंग की कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर, कोठी थाने में पहाड़ापुर घाट निवासी अशर्फीलाल ने अधिकारियों के सामने लेखपाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल ने मौके पर गए बिना ही शिकायतकर्ता को जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की रिपोर्ट लगा दी।
अशर्फीलाल ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। बक्सावां निवासी दिव्यांग मुसीर अहमद को उनकी बेटी ठेलिया पर बैठाकर कोठी थाने लेकर पहुंची। बेटी अपने पिता को लेकर अधिकारियों के सामने पहुंची तो मुसीर अहमद ने गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। कोठी में ही पूरे कालीदीन मजरे पिपरीहार निवासी राजेश कुमार ने पत्नी पर इलाज के लिए आर्थिक मदद न करने और जमीन बेचने की अनुमति न देने का आरोप लगाया।