फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: समितियों पर सन्नाटा, बाजार से खरीदनी पड़ रही महंगी खाद

Tue, 11 Aug 2026 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
हैदरगढ़। क्षेत्र में सहकारी समितियों पर खाद की कमी से किसान परेशानहाल हैं। यूरिया न मिल पाने से धान की रोपाई के लिए ड्रेसिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इससे उत्पादन घटने की चिंता किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगी खाद खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

किसान आमतौर पर जुलाई के अंतिम सप्ताह तक धान की रोपाई पूरी कर लेते हैं। आलू और सरसों की अगेती फसल के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह तक रोपाई हो जाती है। उन्हें जुलाई में ही यूरिया की आवश्यकता होती है। इसके उलट, 10 अगस्त तक भी किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये में यूरिया उपलब्ध नहीं है। किसानों के अनुसार, समितियों में 270 रुपये और निजी दुकानों पर 280 से 300 रुपये तक यूरिया बेची जा रही है। निजी दुकानदार यूरिया के साथ जिंक व सल्फर देकर 600 रुपये तक वसूल रहे हैं। जिंक-सल्फर न लेने पर खाद नहीं दी जाती और कोई रसीद भी नहीं मिलती।
समितियों में खाद वितरण की स्थिति
साधन सहकारी समिति कोलहदा त्रिवेदीगंज में सोमवार को 150 किसानों को टोकन दिए गए। पुलिस की मौजूदगी में खाद बांटी गई। मनोज कुमार रावत, मो इस्माइल, गणेश पाल सहित कई किसानों को निराश लौटना पड़ा। वे 10-15 दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। साधन सहकारी समिति हुसेनाबाद त्रिवेदीगंज में खाद वितरण के लिए पंजीकरण किया गया। अन्य समितियों का हाल सिद्धौर की बीबियापुर समिति पर टोकन से वितरण के बाद शाम को अन्य किसानों को खाद मिली। सुबेहा समिति का कई दिन बाद ताला खुला और 225 बोरी खाद दी गई। स्टोर खुलने की जानकारी न होने से कई किसान वंचित रह गए। साधन सहकारी समिति लिल्हौरा, चौबीसी और पेचरुआ में ताला बंद रहा। रीठी भियामऊ में मात्र दो किसानों को आठ बोरी खाद देने के बाद स्टॉक समाप्त हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें