बहराइच। जिले में कॉम्प्लेक्स व मॉल संचालक ही नहीं होटल वाले भी पार्किंग के लिए आरक्षित जगह पर दुकानें खोलकर कमाई में लगे हैं। निजी लाभ के लिए ये यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बने हुए हैं। होटलों में आने वाले वाहन सड़क पर खड़े होने से जाम की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। खास बात ये है कि जिम्मेदार हुक्मरान भी महज नोटिस देने तक ही सीमित हैं। इससे इनकी मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जिले में करीब एक दर्जन से अधिक बड़े होटल संचालित हैं। इनके मालिकों ने होटल का नक्शा पास कराते समय मानचित्र में तो पार्किंग की जगह दिखाई, लेकिन अब उस पर दुकानें बनवा दी हैं। जिम्मेदारों की ओर से कार्रवाई न किए जाने से होटल संचालक इन दुकानों को किराये पर उठाकर लाखों की कमाई में जुटे हैं। उधर, पार्किंग न होने से इन होटलों व दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। (संवाद)
नोटिस तक सीमित हैं जिम्मेदार
पार्किंग के लिए आरक्षित जगह पर दुकानें खोले जाने के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर ने 27 जुलाई 2023 को होटल संचालकों को नोटिस जारी किया था। इसमें परिसर में पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। नोटिस जारी होने के 19 महीने बाद भी होटल संचालकों ने परिसर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है, जबकि इस अवधि में 50 लाख से अधिक का मुनाफा ले चुके हैं। प्रशासन भी नोटिस देने के बाद शांत बैठा है। इससे मनमानी को बढ़ावा मिल रहा है।
इन प्रमुख होटल संचालकों को जारी हुआ था नोटिस
सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर ने घसियारीपुरा में संचालित होटल रुड़िया पैलेस, कानूनगोपुरा के होटल अवध कैलाश, होटल बृजवासी, बशीरगंज स्थित होटल कैलाश, गुलामअली पुरा स्थित होटल बेलबेट, खत्रीपुरा स्थित होटल हर्ष पैलेस, सिंघापरासी स्थित होटल कैलाश आदि को नोटिस जारी किया था।
कोट
सुधार न होने पर करेंगे ध्वस्तीकरण
नक्शे में पार्किंग दिखाकर दुकानें संचालित करने वालों को तीसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस का समय बीतने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। -शालिनी प्रभाकर, सिटी मजिस्ट्रेट