बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राकेश यादव ने मंदबुद्धि युवती से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त अवधेश सिंह को दोषी करार माना है। कोर्ट ने महज पांच माह व 25 दिन तक चली मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को दोषी को 10 साल के कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। कानून में संशोधन के बाद भारतीय न्याय संहिता के तहत यह जिले में पहला फैसला है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 31 जुलाई 2024 की शाम थाना सतरिख क्षेत्र के एक गांव की मंदबुद्धि युवती जानवरों को पानी पिलाने जा रही थी। तभी गांव के ही अवधेश सिंह उर्फ लंकेश ने उसे पकड़ लिया और कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता का पिता जब मजदूरी करके घर वापस आया तो पीड़िता ने उसे आपबीती सुनाई। दूसरे दिन पिता ने थाना सतरिख में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने 17 अगस्त को कोर्ट में अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किये गए। पीड़िता समेत गवाहों के बयान व साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए छह माह से भी कम समय में निर्णय सुनाते हुए दोषी को सजा सुनाई।