बाराबंकी। दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर प्रस्तावित स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) को लेकर अहम प्रगति हुई है। योजना से जुड़ी नामित कंपनियों ने अपना विस्तृत सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। बाराबंकी जिले के 3891 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को इसमें शामिल करते हुए नियोजित विकास का पूरा खाका तैयार किया गया है। योजना के तहत अगले छह वर्षों में सड़क, परिवहन, जल निकासी, बिजली और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार सर्वे रिपोर्ट में खासतौर पर लखनऊ से सटे बाराबंकी के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे अनियोजित विकास को चिह्नित किया गया है। कंपनियों ने सुझाव दिया है कि इन इलाकों में नियोजित तरीके से आवासीय और व्यावसायिक विकास किया जाए ताकि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव न बढ़े।
रिपोर्ट में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित 300 आउटर रिंग रोड के माध्यम से बाराबंकी को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-अयोध्या हाईवे और आगरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा लखनऊ से बाराबंकी सीमा तक मेट्रो कॉरिडोर का भी सुझाव दिया गया है, जिससे दैनिक आवागमन आसान होगा।
सर्वे में जिले को डेवलपमेंट रीजन में विकसित करने की बात कही गई है। इनमें औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का संतुलित विकास शामिल है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे।