बाराबंकी। धान खरीद की शुरूआत में ही दिक्कतें आने लगी हैं। आई स्कैनर मशीनें नेटवर्क के चलते सही से कार्य नहीं कर रही हैं जिससे खरीद नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें ग्रामीण क्षेत्र में संचालित धान खरीद केंद्रों पर हो रही है। जबकि जिले में धान की आवक शुरू हो चुकी है और किसान धान लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंच भी रहा है। हालांकि मशीनों के काम न करने की वजह से उसके धान की तौल नहीं हो पा रही है।
जिले में इस बार 94 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं। इस बार धान की खरीद एक नवंबर के बजाए 25 सितंबर से शुरू की गई है। धान खरीद शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं। अभी तक 161 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा खरीद बुढ़वल क्रय केंद्र पर इसके बाद नवीन मंडी में हुई है। क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों का कहना है कि आई स्कैनर मशीन कई-कई बार आंखों पर लगाने के बाद भी स्कैन नहीं कर पाती है। जिससे समय से तौल नहीं हो पा रही है। जबकि क्रय केंद्र प्रभारियों को कहना है कि नेटवर्क की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि आई स्कैनर के साथ ही थंबिंग मशीन की मांग शासन से की गई है। क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों को वापस न करने का निर्देश सभी केंद्र प्रभारियों को दिया गया है।
खरीद में तेजी लाने के दिए निर्देश
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने नवीन मंडी, सफदरगंज मंडी, धान खरीद केंद्र भिटरिया, बिबियापुर, फतेहपुर और खजुरी का निरीक्षण कर धान खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन ने धान खरीद का जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसे हर हाल में हासिल करना है। इसलिए क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा गांवों में जाकर किसानों से संपर्क कर उन्हें सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रेरित भी किया जाए।
क्रय केंद्रों पर हो सभी सुविधाएं
कोटवासड़क। तहसील सभागार में एसडीएम अनुराग सिंह ने बृहस्पतिवार को क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक कर धान खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, क्रय केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर तौल, भुगतान और पर्ची वितरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार शशांक उपाध्याय, सुधाकर पांडेय व उमेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।