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तबाही मचाने लगी सरयू, स्कूल और अस्पताल में भरा पानी

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बाराबंकी। नेपाली पानी आने से सरयू अब लाल निशान पारकर तबाही बचाने लगी है। गांव के बाद अब स्कूल व अस्पताल में नदी का पानी घुसने लगा है। ऐसे में खतरे की आशंका को लेकर बाढ़ से घिरे गांवों के बाशिंदों का पलायन शुरू हो गया है।
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वहीं तहसील प्रशासन ने दो गांवों के 108 परिवारों को बंधे पर बसाने के साथ उन्हें पन्नी व तिरपाल मुहैय्या कराया है। सरयू का विकराल रूप देख कर घबरा रहे तराई के लोगों का हाल लेने एसडीएम प्रतिपाल सिंह ने कई गांवों का जायजा लिया।
बुधवार को एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूप के अनुसार सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इसके बाद से नदी का पानी सिरौलीगौसपुर तहसील के 19 गांव टेपरा, सनांवा, भैरोकोल, सराय सुर्जन, बघौली पुरवा, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा, सरदहा, तेलवारी, नौव्वनपुरवा, मांझारायपुर, परसावल, बेहटा, रेता, इटहुआ पूर्व, गोबरहा, घुटरू, मया का पुरवा व सहारनपुरवा के साथ अब प्राथमिक विद्यालय तेलवारी तथा नया प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र गोबरहा में घुसने लगा है।
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सरयू के बढ़ते जलस्तर ने इन गांव में रहने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी। ऐसे में खतरे की आशंका को लेकर इन गांव के लोगों का पलायन शुरू हो गया है। तहसील प्रशासन ने सनांवा के मजरे कहारनपुरवा के 28 परिवार व नदी के उस पर स्थित मांझारायपुर के मजरे नौव्वनपुरवा के 80 परिवारों को सुरक्षित बंधे पर बसा दिया है। इन परिवारों को पन्नी व तिरपाल भी तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने तानने के लिए दिए हैं।
नदी के पानी से घिरे गांव के लोगों के सामने अब खाने-पीने की दिक्कतें भी सताने लगी है। क्योंकि न खाने के लिए दैनिक जरूरत का सामान बचा और न ही अनाज। इतना ही नहीं पानी भरने से न चूल्हा जलाने का स्थान तक नहीं है। ऐसे में ऐसे में ठंडे चूल्हे फिर से जले ऐसे में अपने घरों में कैद है लोग नाव का इंतजाम न होने के कारण गहरे पानी से होकर सुरक्षित स्थान की तलाश को लेकर पलायन कर रहे है।
हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार अखिलेश कुमार सिंह ने भी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं टेपरा व कहारनपुरवा के लोगों ने बांध पर अपना अस्थाई ठिकाना बना लिया है।
सरयू की बाढ़ से बचाव को लेकर बनाए गए अलीनगर- रानीमऊ तटबंध पर बारिश के चलते कई स्थानों पर हुए गड्ढेे से बाढ़ को खतरा बना हुआ है। समय रहते बाढ़ खंड द्वारा इन गड्ढ़ो को भरा नहीं गया तो आने वाले दिनों में बांध के कटने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बाढ़ के बचाव कार्य को लेकर सनांव बाढ़ चौकरी पर बुधवार को राजस्व निरीक्षक राकेश तिवारी व लेखपाल अजय रावत तथा अश्वनी तैनात मिले। इनके द्वारा चौकी क्षेत्र में आने वाले गांवों में बचाव कार्य किया जा रहा था।
बाढ़ से प्रभावित गांवों में एसडीएम व तहसीलदार ने पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल वितरण किया। रामनगर तहसील क्षेत्र कचनापुर, बेलहरी, सुंदर नगर, कोडरी ,ललपुरवा मजरे बतनेरा का उपजिलाधिकारी रामनगर आनंद वर्धन एवं तहसीलदार रामनगर रामदेव निषाद, नायब तहसीलदार आकाश संत ने निरीक्षण किया और सुंदरनगर बंधे पर पहुंचने की अपील की। साथ ही साथ बंधे पर पहुंच चुके 100 परिवारों को तिरपाल और पन्नी वितरित किया। उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार को तत्काल बाढ़ प्रभावित 335 परिवारों को खाद्यान्न व अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए है।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि सरयू का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिन गांवों के करीब पानी पहुंच गया है वहां लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। बुधवार को नौव्वनपुरवा के 80 व कहारनपुरवा के 28 परिवारों को बंधे पर बसाया गया है। इवहीं राशन वितरण के लिए सूची बनाई जा रही है। वहीं बांध पर जो गड्ढे है। उन्हें जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा।
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