बाराबंकी। सरयू नदी एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने लगी है। तीन दिन पहले चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने के बाद नदी का पानी घटने लगा था। शनिवार को सुबह सरयू में शारदा व गिरिजा बैराज से दो लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। शाम चार बजे जल चेतावनी स्तर 105.070 मीटर के मुकाबले जलस्तर 105.480 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि खतरे का निशान 106.070 मीटर पर है।
प्रति घंटा चार सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहे पानी को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि बढ़ाव नहीं थमा तो अगले 24 घंटे में जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। इससे सिरोलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील क्षेत्र के तटवर्तीय इलाकों के लोगों में बाढ़ की दहशत दिखने लगी है। पानी बढ़ने के साथ ही सिरौलीगौसपुर के सनावा से टेपरा व रामनगर के बेलहरी व केदारीपुर गांव में कटान भी तेज हो गई है। बेलहरी गांव पिछले वर्ष कटान में उजड़ गया था। बाढ़ के बाद फिर लोग आकर शेष बची जमीन में बसे थे। अब फिर से उन्हें उजड़ने का खतरा मंडराने लगा है। खतरे के निशान से एक मीटर पानी ऊपर पहुंचने पर तटवर्तीय क्षेत्र के करीब 70 गांव प्रभावित होते हैं। वहीं आधा मीटर ऊपर होने पर 40 गांव। रामनगर तहसील क्षेत्र के सबसे ज्यादा करीब 39 गांव प्रभावित होते हैं। इनमें सूरतगंज ब्लॉक के हेतमपुर व आसपास के दो दर्जन गांव प्रमुख हैं। बेलहरी में पिछले साल बचा प्राचीन कुआं शनिवार शाम को कटान की भेंट चढ़ गया। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा, कहरान पुरवा, टेपरा, तेल3वारी, गोबरहा, सरायसुर्जन व भैरवकोल तथा नदी के दूसरे छोर पर बसे माझा, परसवाल, रायपुर व बेहटा गांव भी नदी के मुहाने पर हैं। सनावा, कहरान पुरवा व टेपरा गांव के मध्य नदी की कटान जारी है। वहीं कहारन पुरवा व सनावा के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ कार्य खंड की ओर से बोरियों में मिट्टी भरकर लगाई गई है।