बाराबंकी। माध्यमिक संस्कृत शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में संस्कृत विद्यालय के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर 19 विद्यार्थियों को सांकेतिक चेक दिए गए। जिले के चार संस्कृत विद्यालय के 305 बच्चों को छात्रवृत्ति के रूप में 2,34,150 रुपए दिए जाने हैं।
मुख्य अतिथि एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने कहा कि कोई भी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए दृढ़ आत्मविश्वास की आवश्यकता है। देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए संस्कृत की बड़ी भूमिका है। संस्कृत के जरिये भी परास्नातक तक की डिग्री प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद डॉक्टरेट, आईएएस जैसे तमाम क्षेत्रों में भी संभावनाएं हैं।
डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि संस्कृत विद्यालय के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति में संशोधन करते हुए ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है। इस मौके पर नागेश्वर नाथ पाठशाला बाराबंकी के विद्यार्थी प्रथम गुप्ता, मो. सुहैल, संस्कार पांडेय, सचिन, संजना, अलतमस, आर्यन मिश्रा, आराध्या पांडेय, अभियुदय त्रिपाठी, सुमित यादव, रविकांत, शिवा तिवारी, अन्नू वर्मा, गोल्डी, अभय सिंह, तुषार तिवारी, बब्ली, प्रियंका आदि को प्रतीकात्मक चेक दिए गए।
समस्त पात्र 305 छात्रों की छात्रवृत्ति की धनराशि संबंधित खातों में जिला कोषागार द्वारा स्थानांतरित करा दी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन नेशनल इंटर कॉलेज फतेहपुर के प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया। इस मौके पर लेखाधिकारी संतोष कुमार मौर्य, संस्कृत महाविद्यालय महादेवा की प्राचार्या गायत्री देवी, सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय नागेश्वर नाथ की प्रधानाचार्या अनीता कुमारी, श्री सचिदानंद संस्कृत विद्यालय मुंडा गोपाल के प्रधानाचार्य अखिलेश चंद्र मिश्र, श्री गुरुकुल संस्कृत विद्यालय हैदरगढ़ के प्रधानाचार्य डाॅ. प्रमोद कुमार शुक्ल, बृजेश कुमार शुक्ल, शैलेंद्र सिंह, रमेश मिश्रा, अपराजिता देवी, शिव प्रसाद मिश्र, मनोज पांडेय, बृजेश पांडेय, अजय पांडेय व निखिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।