बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे अपात्रों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक हुई अवैध आधार कार्ड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इनमें जहां 509 भूमिहीन किसान बनकर सम्मान निधि ले रहे थे। वहीं 1407 मुर्दो को भी इसका लाभ मिल रहा था। इसकी जानकारी होने के बाद विभाग अब उनसे सम्मान निधि की राशि की रिकवरी करेगा।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर पांच लाख 47,570 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें से पांच लाख 6,825 किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। पहले कराए गए सत्यापन में 78 हजार अपात्र मिले। इसके बाद भूमिहीन, आयकरदाता सरकारी नौकरी, पेंशनर, अधिवक्ता, पति-पत्नी व मृतक अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के बाद विभाग उनसे रिकवरी ही कर रहा था।
इसी दौरान शासन ने सम्मान निधि का लाभ पा रहे 11 हजार अवैध आधार कार्ड वाले किसानों की जांच के आदेश दिए। इसको लेकर जिले में कृषि विभाग व राजस्व के कर्मचारियों को लगाकर इसकी जांच कराई गई। इसमें से अभी साढ़े पांच हजार अवैध आधार कार्ड की जांच की गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार की जांच में जहां 509 भूमिहीन किसान बनकर सम्मान निधि ले रहे थे। वहीं 1409 मुर्दे भी इसका लाभ ले रहे थे। इतना ही नहीं 37 पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ लेते मिले। हालांकि जांच पूरी होने के बाद असल तस्वीर सामने आएगी। मगर, अब तक जो अपात्र मिले हैं विभाग उनसे सम्मान निधि की रकम रिकवरी कराने की तैयारी कर रहा है।
आयकर दाताओं से 2.10 करोड़ की होगी रिकवरी
प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ ले रहे 2685 किसान मिले हैं। इनसे विभाग दो करोड़ दस लाख रुपये की रिकवरी करने में जुटा है। इसमें से 272 किसानों के खाते से 22 लाख रुपये की रिकवरी भी कर ली गई है। अभी काफी रकम वसूल की जानी है। ऐसे में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर आयकर दाताओं के खाते से सम्मान निधि की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए है। खातों में राशि न होने की दशा में ऐसे किसानों के घर से रिकवरी की जाएगी।
इनवैलिड आधार कार्ड की जांच में लगातार अपात्र मिल रहे हैं। इनमें भूमिहीन, मृतक व पति-पत्नी के साथ पेंशनर भी शामिल हैं। इन अपात्रों व उनके परिवारीजनों से इस राशि की रिकवरी की जाएगी। वहीं आयकर दाताओं से रिकवरी की जा रही है।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक