बाराबंकी। महाशिवरात्रि पर महादेवा में जलाभिषेक को जुटने वाली कांवड़ियों की भीड़ की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्जन का आदेश जारी कर दिया है। मंगलवार से दो मार्च तक नौ दिनों के लिए बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर चौकाघाट तक वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। जिसका पालन कराने के लिए ट्रैफिक व स्थानीय थानों की पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है। चौकाघाट व रामनगर तिराहे पर बैरियर लगाया जाएगा।
रामनगर तहसील में महादेवा स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर में फाल्गुनी मेला लगता है। जहां महाशिवरात्रि पर भूत भावन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए फर्रुखाबाद, मैनपुरी, औरैया, इटावा, हमीरपुर, जालौन, कानपुर, कानपुर देहात, रायबरेली व उन्नाव आदि जिलों से भारी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर आते हैं।
विधानसभा चुनाव व कोविड के संक्रमण को लेकर भले ही मंदिर के रिसीवर व पुलिस प्रशासन ने शिवभक्तों के न आने अपील की है। मगर, महाशिवरात्रि से पहले ही शिवभक्तों का जत्था पैदल कांवड़ लेकर पैदल पहुंचने लगा है। कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन ने मंगलवार से रामनगर-बहराइच मार्ग पर हादसे व जाम की समस्या को लेकर वाहनों के आवागमन पर पाबंदी लगाते हुए रूट डायवर्जन कर दिया है। मंगलवार से नौ दिनों तक अर्थात दो मार्च तक गोंडा-बहराइच की ओर से आने वाले बड़े वाहन रामनगर की बजाय चौकाघाट से मरकामऊ-बदोसरायं से सफदगंज होते हुए अयोध्या-लखनऊ हाईवे होकर गुजरेंगे।
वहीं बाराबंकी से गोंडा-बहराइच की ओर जाने वाले वाहन सफदरगंज से बदोसरायं से मरकामऊ से चौकाघाट होते हुए जाएंगे। रामनगर मार्ग पर चौकाघाट से बाराबंकी तक सिर्फ एम्बुलेंस को आने-जाने की अनुमति होगी। बाराबंकी से रामनगर के बीच जिन वाहनों को जाना है वे देवा रोड व लखनऊ-अयोध्या हाईवे से जुड़े सम्पर्क मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए डायवर्जन का पालन न करने वालों पर मोटर यान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि बड़ी संख्या में कांवड़िया गंगाघाट से पैदल बहराइच मार्ग से होते हुए महादेवा मंदिर जलाभिषेक करने आते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात का भारी दबाव होने के कारण अक्सर सड़क दुर्घटना व जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना रहती है। इसको लेकर रूट डायवर्जन किया गया है। इस दौरान वैकल्पिक मार्ग से होकर आवागमन जारी रहेगा। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।