बाराबंकी। नोटिस पर नोटिस जारी किए जाने के बाद भी तीन राइस मिलर्स करीब 87 सौ क्विंटल सरकारी चावल एफसीआई को नहीं दे रहे हैं। जिस पर विभाग ने इन मिल संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 31 जुलाई तक बकाया चावल नहीं दिया गया तो इनके संचालकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की मानें तो सबसे ज्यादा सरकारी चावल की देनदारी रवि एडिबल्स फतेहपुर पर है। इस मिल पर करीब 85 सौ क्विंटल सरकारी चावल बकाया है। लगातार नोटिस दिए जाने के बाद भी मिल संचालक द्वारा सरकारी चावल देने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है जिसे पर विभाग ने संचालक पर कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके अलावा पल्हरी चौराहा के निकट स्थित फतेह राइस मिल पर 137 क्विंटल और लक्ष्मी राइस मिल पर 112 क्विंटल चावल बकाया है। विभागीय अधिकारियों के लगातार संपर्क करने के बाद भी इन मिलों के संचालक सरकारी चावल नहीं दे रहे हैं।
विभाग को आशंका है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ी जरूर है। आखिर लगातार संपर्क करने और नोटिसें जारी करने के बाद भी मिलर्स सरकारी चावल क्यों नहीं दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में मिलों का सत्यापन करने के लिए डीएम को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है।
तीन मिलों पर करीब 87 सौ क्विंटल सरकारी चावल बकाया है। तमाम प्रयासों के बावजूद मिलर्स बकाया चावल नहीं दे रहे हैं। जिस पर इनकी मिलों का सत्यापन करने के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई है। इसके साथ ही इन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि 31 जुलाई तक बकाया चावल नहीं दिया गया तो प्रमुख सचिव और डीएम की अनुमति के बाद मिल संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-आलोक रंजन, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी