देररात हुई बारिश ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। झमाझम बारिश से खेतों की खड़ी करीब 15 प्रतिशत धान की फसल ढेर हो गई है। इस बारिश ने पिछले साल हुई ओलावृष्टि को याद को ताजा कर दिया है। उधर कृषि विभाग भी मान रहा है कि बारिश से अगैती धान की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
बुधवार की देररात झमाझम बारिश हुई। कृषि विभाग की माने तो करीब 70 मिमी बारिश हुई। इस बारिश से धान की अगैती फसल को 15 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है। करीब 2 प्रतिशत उन किसानों का नुकसान हुआ है जिन्होंने तैयार फसल काटकर खेतों में छोड़ दी थी।
वहीं 3 प्रतिशत उन किसानों को नुकसान हुआ है जिनकी फसल तैयार होने की कगार पर पहुंच गई है। वैसे तो किसानों को कई दिनों से बारिश का इंतजार था लेकिन किसानों को इस तरह की बारिश की उम्मीद नहीं थी। किसानों को इस बात का जरा भी एहसास नहीं था कि रात में हुई बारिश उनके लिए मुसीबत बन जाएगी।
कई किसानों का कहना है कि इतनी ज्यादा बारिश हुई कि खेत पानी से लबालब हो गए हैं। जो फसल गिर गई है पानी सूखने तक उसकी कटान नहीं हो सकती है। वहीं जो फसल खेतों में कटी पड़ी थी बारिश में भीगने की वजह से उसकी गुणवत्ता पर प्रभाव पडे़गा।