बाराबंकी में सोमवार को देवा मार्ग स्थित पंजाब एण्ड सिंध बैंक में फीस जमा करने के लिए लाइन में लगे छात्र-छात्राएं।
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जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गैर जनपद के छात्राें के व्यक्तिगत फार्म फारवर्डिंग पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी है। इससे बाहरी छात्रों में खलबली मची है और वे कॉलेज के चक्कर लगा रहे है। कॉलेज प्रशासन की मानें तो गैर जनपद के करीब छह हजार छात्र अब व्यक्तिगत फार्म जनेस्मा से नहीं भर सकेंगे। वहीं जिले के छात्रों ने राहत महसूस की है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में स्नातक व परास्नात कक्षाओं में व्यक्तिगत फार्म फारवर्डिंग के लिए जवाहर लाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय समेत जनपद में चार केंद्र बनाए गए थे। कॉलेज प्रशासन की माने तो जनपद व गैर जनपद के करीब 13 हजार छात्रों ने व्यक्तिगत परीक्षा के लिए वेबसाइट पर पंजीकरण कराया था।
जनेस्मा कॉलेज प्रशासन ने करीब 18 दिन पहले वेबसाइट ओपन किया था। लेकिन दो दिनों में ही करीब 62 सौ चालान फार्म नेट से डाउन किए गए। लेकिन जमा करने वालों की संख्या काफी कम रही। कॉलेज प्रशासन ने जब सख्ती की तो चालान फार्म जमा करने वालों की लंबी-लंबी कतारें लगने लगी। कई बार विवाद भी हुआ। चालान जमा करने वालों में बड़ी तादात में गैर जनपद के छात्रों की थी।
कई तो दूसरों का चालान जमा करने के लिए लाइन में लगे। हालात यहां तक बिगड़े कि लखनऊ से आए एक युवक ने बैंक के कैश पर ही हमला कर दिया था। इन विवादों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जनेस्मा में गैर जनपद के छात्रों के व्यक्तिगत चालान व फार्म फारवर्डिंग पर रोक लगा दी। इससे गैर जनपद के छात्रों में खलबली मची हुई है। हालांकि जनपद के छात्र अब राहत महसूस कर रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन का दावा बंद हो जाएंगी दलालों की दुकानें
कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जनपद व लखनऊ में कई दुकानदारों ने जनेस्मा में व्यक्गित फॉर्म भरवाने का ठेका लिया होता है। वह बड़ी संख्या में छात्रों से दो से तीन गुना दाम लेकर यह दलाली कर करते हैं। जनेस्मा प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव बताते है कि कॉलेज की वेबसाइट खुलने के दो दिनों में करीब 62 सौ चालान फार्म डाउनलोड हो गए जबकि उनके जमा करने की रफ्तार कम रही।
जब इस पर रोक लगाई गई तो कुछ लोगों ने विवाद भी किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के बाहर से लखनऊ तक कई दुकानदारों ने अपने यहां बोर्ड भी लगा रखा कि जनेस्मा में स्नातक व परास्नातक के फॉर्म भरवाए जाते हैं। डीएम के आदेश के बाद इन दलालों की दुकानें भी बंद हो जाएंगी।