आदेश के बाद भी बच्चों को बाढ़ प्रभावित विद्यालय में पढ़ाए जाने के मामले में यहां के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है तथा बीईओ को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने यह कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण की जांच के लिए फतेहपुर और रामनगर के बीईओ की टीम गठित की है।
सूरतगंज क्षेत्र के कचनापुर में प्राथमिक विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी इस क्षेत्र के भ्रमण पर थे। इस दौरान पाया कि विद्यालय का ज्यादातर भाग घाघरा नदी के पानी में समा गया है।
जिस पर डीएम ने विद्यालय के बच्चों को शिफ्ट करने के आदेश बीएसए को दिए थे। बीएसए ने बीईओ सूरतगंज को कचनापुर विद्यालय के बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। बीईओ ने प्रधानाचार्य को आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन प्रधानाचार्य ने ऐसा नहीं किया। शुक्रवार को एसडीएम रामनगर आशुतोष दुबे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने निकले थे। तो पाया कि बाढ़ के पानी में डूूबे विद्यालय में ही बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। एसडीएम ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिस पर डीएम ने बीईओ और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जिलाधिकारी के आदेश पर बीईओ सूरतगंज को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कचनापुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच बीईओ फतेहपुर और रामनगर से कराई जा रही है। -पीएन सिंह, बीएसए