बाराबंकी। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में तैनात सीएलटीसी, तीन समंवयकों और नौ सर्वेयर का नाम अब तक घोटाले में सामने आ चुका है। फिलहाल जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों को बर्खास्त करने के बाद अब मिशन निदेशालय के कार्यक्रम अधिकारी अतुल सिंह चौहान के निर्देश पर सभी से हड़पी गई धनराशि की रिकवरी करने एवं एफआईआर की प्रक्रिया पूरी कर जांच का दायरा भी बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।
यह स्थिति तब है जब अभी सिर्फ 11 आवासों से जुड़े मामलों की ही जांच हुई है। जांच का दायरा बढ़ाकर पिछले कुछ वर्षों में आवंटित हुए आवासों की जांच कराने पर गड़बड़ी का दायरा काफी बढ़ा हो सकता है। डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर पीएम आवास योजना शहरी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच की थी। जांच में पाया गया कि तैनात सीएलटीसी आशीष कुमार चौरसिया ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गलत जिओ टैगिंग कराकर डूडा के आउटसोर्स कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर योजना के मकान आवंटित कराने के साथ सरकारी धन का गबन भी किया।
आशीष के साथ साजिश में सर्वेयर पंकज, सूरज, नीरज शुक्ला, आशुतोष पाठक, रवि प्रकाश, विकास, शमसेर यादव, विवेक यादव व सौरभ के नाम भी सामने आए। इनमें नीरज शुक्ला का निधन हो चुका है। एमआईएस आयुष वर्मा, उपजिला समंवयक राजेश्वर वर्मा, जिला समंवयक शिवम वर्मा ने भी अपने पद का दुरुपयोग किया। इन सभी की सेवा समाप्त की जा चुकी है। प्रभारी परियोजना अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि एफआईआर के लिए पत्र तैयार कराया जा रहा है। इससे जुड़े अन्य प्रकरणों में भी जांच कराई जाएगी।