बाराबंकी। पिछले तीन दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश और सर्द हवा के चलते बढ़ी हांड़ कंपाऊ ठंड से सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें दैनिक मजदूरों, रिक्शा और ऑटो चालकों को हो रही है। वहीं बारिश के कारण रैन बसेरों के बाहर जलने वाले अलाव भी ठंडे पड़े हुए हैं लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। जिससे लगातार दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। आने वाले 24 घंटे में आसमान पर बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हवा सामान्य गति से पुरवा चलेगी लेकिन पड़ रही कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। वहीं लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश और चल रही शीतलहरी से हांड़ कंपाऊ ठंड ने पूरी तरह से बेहाल कर दिया है।
ठंड इतनी ज्यादा हो रही है कि हर वर्ग परेशान हो उठा है और ठंड से बचाव के लिए लोग तरह-तरह के इंतजाम करते दिखाई दिए। कोई गरम कपड़े खरीद रहा है तो कोई हीटर और ब्लोवर लेने के लिए बाजार पहुंच रहा है। वहीं जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण सार्वजनिक स्थानों पर जलने वाले अलाव भी ठंड पड़े हुए हैं जिससे आम आदमी के साथ ही दैनिक मजदूरों, रिक्शा चालकों के साथ ही ऑटो चालकों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने बताया कि बारिश से सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका है। अब और अधिक बारिश होगी तो आलू, चना, मसूर आदि की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान प्रयास करें कि उनके खेतों में पानी का जमाव न होने पाए।