बाराबंकी। कई दिनों से हो रही गर्मी व धूप के बाद मौसम ने शुक्रवार सुबह पलटी मारी। अचानक तेज हवाओं व गरज चमक के साथ जिले के पश्चिम व उत्तरी हिस्सों में ओलों के साथ बारिश हुई। करीब दो से ढाई घंटे की बरसात के बाद बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा। इससे गेहूं, सरसों, आलू और अफीम की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान परेशान हैं। नुकसान के आकलन करने के लिए कृषि विभाग सर्वे करेगा।
बरसात से सबसे अधिक फतेहपुर, सदर, रामनगर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों में असर रहा। दरियाबाद व सिरौलीगौसपुर इलाके में ओले भी गिरे। इन जगहोंं पर करीब पांच से सात मिलीमीटर बारिश हुई। हालांकि हैदरगढ़ तहसील के अधिकतर गांवों में बूंदाबांदी के अलावा बदली छाई रही। इस बार जहां जिले में 1.40 लाख हेक्टेयर में गेहूं व 55 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल बोई गई है। सिरौलीगौसपुर के खजुरिया के किसान राजू कुमार ने बताया कि ओले से खेत में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। विशंभर दयाल ने बताया कि मटर के दाने के बराबर ओले गिरने से खेत में खड़ी सरसों की फसल की बालियां फूट कर नीचे गिर गईं।
इस बार जिले में 4812 किसान अफीम की खेती कर रहे हैं। इस समय कुछ खेतों में नश्तर लगाकर अफीम निकाली जा रही है। बारिश व तेज हवाओं से बंकी, हरख व सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के करीब तीन हजार अफीम किसानों की चिंता बढ़ गई है। हरख के बड़ापुरा गांव के किसानों ने बताया कि अफीम की खड़ी फसल खेतों में गिर गई। हालांकि मेंथा की रोपाई कर चुके या करने वाले किसानों के लिए यह बारिश वरदान है।
जानकारी दें किसान, 48 घंटे में होगा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने बताया कि जिले में हुई बरसात से फसलों को 10 से 15 प्रतिशत नुकसान पहुंचने की संभावना है। गेहूं की फसल पक चुकी है। इसलिए उत्पादन पर बहुत असर नहीं पड़ेगा। जिन किसानों की खेत में पानी भर गया है या नुकसान हुआ है। वह काल सेंटर पर फोन कर जानकारी दे या पल्हरी स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में जानकारी दें। 48 घंटे में सर्वे होगा।