बाराबंकी। शहर और आसपास के इलाकों में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए दो माह पहले एसपी अर्पित विजयवर्गीय द्वारा लागू क्यूआर कोड व्यवस्था फेल साबित हो रही है। पुलिस गश्त और निगरानी के निर्देश भी कागजी साबित हो रहे हैं। बदमाश बेखौफ हो कर झपट्टा मारकर बाइक व गले में पहनी सोने की चेन छीन रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं से लोग खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। पीड़ित लोगों ने कई इलाकों में लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग भी की है।
बीती 23 जुलाई को देवा रोड बस स्टेशन पर तैनात एक परिचालक कैश जमा करने जा रहा था। इसी दौरान सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने ही बाइक सवार बदमाश उसका बैग छीनकर फरार हो गए। इसी तरह 21 जुलाई को शहर के मुनेश्वर विहार कॉलोनी निवासी महिला अवधरानी सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थीं। मोहल्ले की सड़क पर ही पीछे से आए दो बाइक सवार बदमाश उनके गले से सोने की चेन झपट कर भाग निकले थे। इन दोनों ही वारदातों के बाद पुलिस बस बदमाशों को पकड़ने के दावे तक सिमटी है।
19 जुलाई को रामनगर कोतवाली क्षेत्र के लोहरी पसई गांव निवासी अशोक कुमार अपने भांजे से मिलने जेल पहुंचे थे। जेल परिसर के बाहर से उनकी बाइक चोरी हो गई। जबकि 18 जुलाई को देवा कोतवाली क्षेत्र के आदिल नगर निवासी प्रियांशु जिला अस्पताल में अपने किसी परिचित से मिलने गए थे, इसी दौरान अस्पताल के बाहर से बदमाशों ने उनकी बाइक पार कर दी। जबकि 15 जुलाई को शहर कोतवाली क्षेत्र में बस स्टेशन के पास से जन सेवा केंद्र चलाने वाले उमाकांत वर्मा की बाइक सतरिख चौराहे के पास से गायब हो गई थी। बाइक चोरी की इनमें से किसी भी घटना का खुलासा पुलिस अभी तक नहीं कर सकी है।
इस संबंध में एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि चोरी के जितने भी मामले हैं, जिनका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। उन सबकी टीमें बनाकर जांच कराई जाएगी और जल्द ही खुलासा किया जाएगा।