बाराबंकी। कड़ाके की ठंड के बावजूद, रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जनआरोग्य स्वास्थ्य मेलों में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आयोजित इन मेलों में सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। इस दौरान गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, वहीं संदिग्ध क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित 12 मरीजों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त, पात्र पाए गए तीन लोगों के आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
जिले के कुल 59 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित इन स्वास्थ्य मेलों में लगभग 2,115 मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ उठाया। इनमें पुरुषों की संख्या 955, महिलाओं की संख्या 916 और बच्चों की संख्या 244 रही। स्वास्थ्य मेलों के दौरान, संचारी रोगों की रोकथाम और पहचान के लिए कई जांचें भी की गईं। संदिग्ध पाए गए 19 लोगों की हेपेटाइटिस बी, 11 लोगों की हेपेटाइटिस सी, 70 लोगों की मलेरिया और नौ लोगों की डेंगू की जांच कराई गई। हालांकि, इन जांचों में कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया।
मरीजों के अनुभव और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
कोटवाधाम पीएचसी पर इलाज के लिए आए नीरज, दशरथा और गोपाल ने बताया कि उन्हें पिछले एक सप्ताह से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पीएचसी के चिकित्सकों ने उनकी जांच कर आवश्यक दवाएं दीं। इसी तरह, त्रिलोकपुर पीएचसी पर आए मनोहर, रामेश्वर और दयाल ने बताया कि उन्हें पिछले तीन-चार दिनों से बुखार आ रहा था और निजी चिकित्सकों से कोई लाभ नहीं मिला था, जिसके बाद उन्होंने पीएचसी में डॉक्टर को दिखाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उन्होंने मेले के सफल आयोजन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।
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विभिन्न बीमारियों के अनुसार मरीजों का वर्गीकरण इस प्रकार रहा-
बीमारी का प्रकार
मरीजों की संख्या
सर्दी, जुकाम और बुखार
337
लीवर संबंधी समस्याएं
45
सांस संबंधी समस्याएं
270
गैस्ट्रो संबंधी समस्याएं
187
डायबिटीज
135
त्वचा संबंधी समस्याएं
286
खून की कमी
11
हाइपरटेंशन
52