बाराबंकी रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर एक पर कुछ इस तरह टोटी से निकल रहा गर्म पानी।
बाराबंकी। शहर में भीषण गर्मी के बीच जनसुविधाओं की बदहाल स्थिति लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, दीवानी कचहरी और जिला अस्पताल में लगे वाॅटर कूलर या तो खराब पड़े हैं या फिर गर्म पानी उगल रहे हैं। सामाजिक संस्था द्वारा लगाए गए मिट्टी के घड़े भी कई दिनों से सूखे पड़े हैं, जिनको कोई देखरेख नहीं कर रहा है।
बस स्टेशन पर मंगलवार दोपहर के समय वाॅटर कूलर पूरी तरह बंद मिला, जबकि सामाजिक संस्था द्वारा लगाए गए घड़े भी खाली थे। गर्मी से राहत पाने की उम्मीद में लोग शीतल जल के नलों से सामान्य पानी को मजबूर रहे। कई लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर दिखे।
रेलवे स्टेशन की स्थिति और भी खराब मिली। स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। कई नल टूटे हुए मिले और उनसे लगातार पानी बह रहा था, जिससे जल की बर्बादी हो रही थी। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार, निर्माण कार्यों के चलते आरओ व फ्रीजर को हटा दिया गया है।
वहीं, दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ता सुनीत अवस्थी और मनीष कुमार ने बताया कि यहां कोई भी वाॅटर कूलर कार्यरत नहीं है। वकील और वादकारी बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक कहीं भी पीने के लिए ठंडा पानी उपलब्ध नहीं मिला। सभी वॉटर कूलर या तो बंद मिले या गर्म पानी दे रहे थे। मरीज और तीमारदार गर्मी में परेशान होकर बोतलबंद पानी खरीदने को विवश रहे। लोगों का कहना है कि यह जनसुविधाओं की घोर अनदेखी है और प्रशासन को इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।