स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी व निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जा रही है। इसके लिए पहले चरण में राज्य कर्मचारी, पेंशनर्स व असाध्य रोग से पीड़ित लोगों को शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ पाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा।
जिसके बाद विभाग से हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। यह सेवा एक मई से सभी अस्पतालों में दी जानी है।
स्वास्थ्य विभाग राज्य कर्मचारियों, पेंशनर्स व असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोडने जा रही है।
इसके लिए कर्मचारियों को स्टेट हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। हेल्थ कार्ड से कर्मचारी अपना इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में करा सकेंगे।
शासन ने 15 फरवरी को सभी विभागों को शासनादेश जारी कर कर्मचारियों को विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण का कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। पहले चरण में सिर्फ राज्य कर्मचारी, पेंशनर्स व असाध्य रोग से पीड़ित शामिल होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी तैयारियां पूरी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सेवा का लाभ एक मई से मिलने लगेगा।
क्या है कार्ड का महत्व
हेल्थ कार्ड को कर्मचारियों व पेंशनर्स के एकाउंट से जोड़ दिया जाएगा। इलाज के लिए जाने पर कर्मचारी के पास नकदी न होने पर अस्पताल में रखे स्वीप मशीन में कार्ड लगाकर पर्चा बनाने से लेकर दवाओं का भुगतान किया जा सकेगा। जो भी चार्ज होगा व संबंधित कर्मचारी के एकाउंट से कट जाएगा। अस्पतालों से जेब कतरों से निजात मिल जाएगी।
निजी और सरकारी अस्पतालों में एक मई से कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने के आदेश शासन से मिले हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी नामित कर योजना को निर्धारित समय से लागू करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ