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तहसीलदार के थप्पड़ मारने पर भड़के अधिवक्ताओं ने बंधन बना किया प्रदर्शन

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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। चैंबर में पहुंचे अधिवक्ता को तहसीलदार ने थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद भड़के वकीलों ने तहसीलदार को बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान तोड़फोड़ भी की। पूरे दिन चले विरोध प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार अपने चैंबर में ही बंधक बने रहे। आक्रोशित वकीलों को समझाने में अफसरों को पसीना छूट गया। दोपहर बाद तहसीलदार पर मारपीट का केस दर्ज हुआ। मगर, अधिवक्ता हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के साथ तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
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मामला हैदरगढ़ तहसील का है। बुधवार को एक बार फिर तहसीलदार व अधिवक्ताओं में विवाद हो गया। अधिवक्ताओं के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तारागंज गांव निवासी अधिवक्ता रवि तिवारी तहसील के रामपुर बारा गांव के एक कार्य को लेकर तहसीलदार के चैंबर में मिलने गए थे। इस पर तहसीलदार रामदेव निषाद ने दस मिनट बाद आने को कहा। उसके बाद वापस लौटा अधिवक्ता दोबारा पहुंचा तो तहसीलदार ने अभद्रता करते हुए उसको थप्पड़ मारकर बाहर धकेल दिया।
इसकी जानकारी तहसील बार एसोसिएशन को हुई तो अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। मारपीट पर आमादा अधिवक्ता जब तक तहसीलदार के चैंबर के समीप पहुंचे तहसीलदार ने चैंबर को अंदर से बंद कर लिया। इस दौरान गुस्साए वकीलों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। सूचना मिलते ही एसडीएम शालिनी प्रभाकर व सीओ डा. बीनू सिंह पुलिस बल के साथ पहुंची। आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझाने में दोनों अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तहसीलवार एसोसिएशन के अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा व पूर्व अध्यक्ष यशकरन तिवारी व रामप्रताप सिंह के बीच कई दौर की वार्ता हुई।
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एसडीएम के निर्देश पर हैदरगढ़ कोतवाली में पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर तहसीलदार रामदेव निषाद पर मारपीट, जान से मारने की धमकी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। उसके बाद भी अधिवक्ताओं को आक्रोश नहीं थमा। वह देर शाम तक दर्ज मुकदमे में जान से मारने की धारा व तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
वहीं शाम तक तहसीलदार रामदेव निषाद, दो लेखपाल व दो सुरक्षा गार्ड के साथ अपने ही चैंबर में दुबके रहे। देर शाम एएसपी दक्षिणी मनोज पाण्डेय भी मौके पर पहुंचे। उसके बाद एसडीएम शालिनी प्रभाकर के अधिवक्ताओं पर कोई कार्रवाई न करने व तहसीलदार की जांच कराने की मांग पर अधिवक्ता माने तो विवाद शांत हुआ। एएसपी ने बताया कि तहसीलदार पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाकर वकील प्रदर्शन कर रहे थे। अधिवक्ताओं की तहरीर पर केस दर्ज कराकर मामले को शांत करा दिया गया।
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