बाराबंकी। धान लदी ट्रॉलियों के साथ गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दे रहे किसानों ने प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने पर बृहस्पतिवार को प्रशासन की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन किया। किसानों ने कहा कि जिले का किसान धान की तौल कराने के लिए भटक रहा है परंतु अधिकारी हैं कि किसानों की समस्याओं को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर पहुंचे भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा की मौजूदगी में किसानों ने प्रशासन की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन किया और धान की आहुति देकर रोष प्रकट किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले के जिम्मेदार अफसर लगातार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। जिसके कारण किसान ठंड में घर बार छोड़कर यहां खुले आसमान के नीचे धान लदी ट्रॉलियों के साथ रात बिताने को मजबूर है।
उन्होंने धान खरीद में ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन व्यवस्था पर विभागीय अफसरों और विचौलियों की सांठगांठ का आरोप लगाया। कहा कि किसानों की यह हालत इससे पहले वाली सरकारों में कभी नहीं थी। प्रशासन किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले, जल्द धान की तौल कराकर इन्हें घर भेजे। इस मौके पर उत्तम वर्मा, विजय चण्डाल, दिनेश वर्मा, हरीराम पाल, डॉ. राम सजीवन, सतीश वर्मा रिंकू, राम सेवक रावत, विशेष कुमार आदि मौजूद रहे।
किसानों ने बैठक में तय की रणनीति
बाराबंकी। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष विक्रांत सैनी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बेगमगंज स्थित भाकियू कार्यालय पर किसानों की बैठक हुई। जिसमें धान खरीद में शासन द्वारा ऑनलाइन ऑफलाइन को लेकर जारी किए जा रहे नित नए प्रयोग का विरोध करते हुए आगे की रणनीति तय की गई। विक्रांत ने कहा कि सरकार किसानों के बजाए मिल वालों का धान चढ़ाकर लक्ष्य को पूरा कर लेना चाह रही है।
किसानों की धान लदी ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर खड़ी है और ऑनलाइन ऑफलाइन के चक्कर में उनका धान नहीं तौला जा रहा है। जिसे किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर तत्काल धान की खरीद शुरू नहीं की जाती है तो किसान 1 जनवरी को आंदोलन को मजबूर होंगे। इस मौके पर लालजी यादव, इस्माइल, अशफाक, अमरेश वर्मा, मो. रियाज, उमेश यादव, सतीश आदि मौजूद रहे। (संवाद)