बाराबंकी। धान की तौल कराने से पहले खतौनी का सत्यापन कराना होता है। इसके लिए लेखपाल 500 रुपये घूस मंगाता है। किसान यदि लेखपाल को घूस नहीं देता है तो वह खतौनी का सत्यापन नहीं करता है जिससे किसानों को अपना धान बेचने में असुविधा हो रही है। ये आरोप लगाते हुए किसानों ने बृहस्पतिवार को गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार सदर और जिला खाद्य विपणन अधिकारी के किसानों की समस्याओं का निराकरण तथा जांच कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष विक्रांत सैनी की अध्यक्षता में किसानों ने बृहस्पतिवार को गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए सैनी ने आरोप लगाते हुए तहसीलदार सदर को बताया कि लेखपाल खतौनी सत्यापन के लिए 500 रुपये की घूस मांग रहे हैं। प्रपत्र सत्यापन न होने के कारण किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर नहीं तौल पा रहे हैं। जो किसान क्रय केंद्रों पर धान लेकर जा रहे हैं प्रभारी उनका धान न तौल कर व्यापारियों का धान प्राथमिकता पर तौल रहे हैं। एक कांटे पर एक दिन में 300 क्विंटल की खरीद होनी चाहिए लेकिन इस लक्ष्य को व्यापारियों से धान की खरीद कर पूरा किया जा रहा है।
मुबाकरपुर, शेखपुर और सूरतगंज में खुले क्रय केंद्र अभी तक शुरु नहीं किए गए हैं जिससे किसानों को धान बेचने में पसीना छूट रहा है। तहसीलदार सदर दयाशंकर त्रिपाठी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने मौके पर पहुंच किसानों की समस्याओं को सुन जांच के आदेश दिए तथा अन्य समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर केके गुड्डू यादव, लालजी यादव, मो. इस्माइल, मो. तौहीद, अशफाक, मो. रियाज, अमित कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।