बाराबंकी। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर भाकियू (टिकैत गुट) द्वारा लखनऊ में राजभवन घेरने के ऐलान पर पुलिस प्रशासन की नाकेबंदी के आगे भाकियू का कोई कार्यकर्ता लखनऊ नहीं जा सका। लखनऊ बॉर्डर के साथ ही सभी मार्गों पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। खासकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिल्कुल नहीं जाने दिया गया। रात से ही भाकियू के प्रमुख नेताओं के घरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई थी। अघोषित नजरबंद नेता किसी तरह दोपहर में छाया चौराहे पर पहुंचकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वापस चले गए।
इसके अलावा मसौली में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीओ रामनगर को ज्ञापन सौंपा। उधर पुलिस चौकसी बरतने के लिए दिन भर गश्त करती रही और ड्रोन कैमरे से भी हर गतिविधि को कैद किया जा रहा था। मालूम हो कि 23 जनवरी को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान व प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम सिंह की अगुवाई में लखनऊ के गोसाईगंज में एक किसान पंचायत के बाद का राजभवन के घेराव का ऐलान किया गया था। सभी किसानों और कार्यकर्ताओं को ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
रात में ही भाकियू नेता प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल, उत्तम वर्मा, सतीश वर्मा रिंकू, रामसेवक रावत आदि को घरों में नजरबंद कर रखा था। शनिवार को इससे आक्रोशित किसान नेताओं ने जिला प्रशासन से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाने की जिद की। जिस पर सीओ सिटी सीमा यादव व कोतवाल पंकज सिंह तथा तमाम पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सभी किसानों ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। नेताओं ने फतेहाबाद स्थित महात्मा टिकैत जी की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही मसौली में तहसील अध्यक्ष मोहम्मद रियाज और ब्लॉक अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ सीओ रामनगर दिनेश चंद्र दूबे को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कृषि कानूनों को वापस लेने समेत कई मांगे शामिल थीं।
उधर जिला प्रशासन ने देवा तिराहा से लेकर हैदरगढ़ बाईपास मार्ग, हाईवे पर मोहम्मदपुर चौकी देवा में माती, कुर्सी में लखनऊ सीमा पर बैरियर लगाकर देर रात चेकिंग शुरू करा दी गई थी जो पूरे दिन चली। शहर में एसडीएम अभय पांडेय, सीओ सिटी सीमा यादव तो कुर्सी क्षेत्र में सीओ फतेहपुर योगेंद्र कुमार बहराइच रोड पर सीओ रामनगर दिनेश दूबे स्थानीय पुलिस के साथ प्रत्येक वाहन खास कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर जांच कर रहे थे। देवा तिराहा पर ड्रोन कैमरे से भी लखनऊ जाने वालों की निगरानी होती रही।