बाराबंकी। यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान आए निवेश प्रस्तावों के एक साल के भीतर 56 उद्योगों की न सिर्फ स्थापना हो चुकी है, बल्कि लोगों को रोजगार मुहैया कराते हुए उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के दौरान शामिल होने वाले 158 उद्यमी इसी वर्ष अपने उद्योगों की स्थापना कर उत्पादन शुरू करेंगे। इनकी स्थापना से न सिर्फ अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी, बल्कि रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे।
यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान पिछले वर्ष 22000 करोड़ रुपये के 310 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। एमओयू हस्ताक्षर होने के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में जिला उद्योग केंद्र की ओर से विभागवार सत्यापन शुरू कराया गया। एक वर्ष तक चले मंथन के बाद ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए 214 निवेशक तैयार हो गए हैं। इनमें 10 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले 63 उद्यमी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे। 56 निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने उद्योगों की स्थापना कर उत्पादन शुरू कर दिया है। वहीं, 158 उद्यमी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद उद्योगों की स्थापना शुरू करेंगे। इन उद्योगों के शुरू होने से 11925 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरेगा।
हर विधानसभा क्षेत्र में होगा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का प्रसारण
19 फरवरी को होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन हर विधानसभा स्तर पर भी किया जाएगा। इसके लिए सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के एक-एक ब्लॉक सभागार का चयन किया गया है। यहां सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ दो-दो उद्यमी भी शामिल होंगे। सजीव प्रसारण के बाद उद्यमियों को जीबीसी में शामिल होने के लिए सम्मानित किया जाएगा।
उद्योगों की आवश्यकताओं पर होगी चर्चा
प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे इंटरप्रेन्योर ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत शनिवार को रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं को पूर्वांचल यूनिवर्सिटी जौनपुर के पूर्व कुलपति पीयूष रंजन अग्रवाल संबोधित करेंगे। इसमें मौजूदा समय में उद्योगों की स्थापना, आवश्यकताएं एवं युवाओं को रोजगार के प्रति प्रेरित करने के लिए आवश्यक जानकारियां दी जाएंगी।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए 11925 करोड़ रुपये का निवेश करने वाले 214 उद्यमी तैयार हैं। इनमें 56 यूनिट स्थापित होकर उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। जीबीसी के बाद उद्योगों की स्थापना तेजी से होगी और लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
- सत्येंद्र कुमार, डीएम