बाराबंकी। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान विरोधी कृषि बिल की वापसी आंदोलन में किए गए वादों के पूरा न करने पर शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया था। इसको लेकर पुलिस अलर्ट रही। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जगह-जगह बैठक कर मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष लालजी की अगुवाई में गन्ना कार्यालय में पदाधिकारी, कार्यकर्ता व किसान एकत्र हुए। यहां पहुंचीं सीओ को मांगपत्र सौंपा। वहीं, भाकियू हरपाल गुट के ज़िलाध्यक्ष विक्रांत सैनी के नेतृत्व में बेगमगंज कार्यालय में बैठक की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि भारत सरकार किसानों पर जुल्म कर रही है और किसानों पर गोलियां चलवा रही है। लाठियां चलवा कर किसानों की आवाज दबाना चाहती है।
यहां पुलिस बल के साथ पहुंचे एएसपी चिरंजीव कुमार सिंन्हा, एसडीएम सदर विजय कुमार द्विवेदी व सीओ सिटी डाॅ. बीनू सिंह ने किसानों को शांत कराकर उनकी समस्याएं सुनीं। संगठन ने 12 सूत्री मांगपत्र प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। उधर, कोठी में प्रभारी निरीक्षक कोठी अरुण कुमार सिंह ले भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति युवा राष्ट्रीय प्रवक्ता आजाद का धरना खत्म कराया। छठ्ठू चौधरी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। भाकियू पदाधिकारियाें ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार हैदरगढ़ सीताराम को सौंपा।
अलर्ट रही पुलिस, डीएम व एसपी पहुंचे
किसान संगठनों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिए जाने को लेकर पुलिस सुबह से ही अलर्ट रही। ट्रेन रोके जाने की सूचना पर डीएम, एसपी ने पुलिस के साथ रेलवे स्टेशन व आवागमन वाले प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। एएसपी उत्तरी चिरंजीवनाथ सिन्हा व अन्य अधिकारी निबलेट तिराहा, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, गन्ना कार्यालय आदि स्थानों को देखा। किसान नेताओं से वार्ता कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।