जिलाधिकारी के आदेश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम रामनगर ने जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान गनेशपुर पर छापा मारा। जांच पड़ताल के दौरान पाया कि यहां पर तैनात प्राचार्य समेत प्रवक्ता और स्टॉफ सभी बिना सूचना के गायब मिले जिस पर एसडीएम ने वहां पर मौजूद अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए। एसडीएम ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को सूत्रों से सूचना मिली की जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान गनेशपुर (डायट) पर प्राचार्य और प्रवक्ता समेत कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है। जिलाधिकारी ने मामले की हकीकत जानने के लिए एसडीएम रामनगर जयप्रकाश को मौके पर भेजा। एसडीएम ने बताया कि जिस समय वह डायट पर जांच को पहुंचा वहां पर प्राचार्य और प्रवक्ता समेत कोई भी स्टॉफ मौजूद नहीं था महज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रेमा देवी मौजूद थी। एसडीएम ने बताया डायट पर प्राचार्य समेत करीब पांच प्रवक्ता तैनात है। इसके अलावा करीब 11 कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन इनमें से महज एक कर्मचारी ही मौजूद पाई गई। बताते चले कि डायट से प्राचार्य और प्रवक्ताओं का आए दिन गायब रहना आम हो गया है। अभी कुछ दिन पूर्व अपनी मांगों को लेकर जब शिक्षामित्र डायट पर प्रदर्शन कर रहे थे तब भी यहां पर कोई मौजूद नहीं था। डायट का प्रतिनिधि बन पहुंचे पंकज सिंह ने शिक्षामित्रों का ज्ञापन लिया था। अमर उजाला ने इस खबर को भी प्रकाशित किया। तभी से डायट जिलाधिकारी की नजर में आ गया था। बृहस्पतिवार को यहां पर किसी के उपस्थित न होने की सूचना पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को जांच के लिए मौके पर भेजा तो हकीकत सामने आ गई। एसडीएम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान प्राचार्य समेत कोई भी मौजूद नहीं था। कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।