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स्वागत व सुरक्षा के बीच गुजरी उपराष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल ट्रेन

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बाराबंकी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार को उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की प्रेसिडेंशियल ट्रेन जिले से गुजरी। इस दौरान करीब 40 मिनट तक प्रेसिडेंशियल ट्रेन जिले की सीमा में रही। करीब डेढ़ घंटे तक रेलवे ट्रैक सुरक्षा घेरे में रहा। बाराबंकी समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर मौजूद अधिकारियों ने ट्रेन के आते ही सलामी दी। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से तीन-तीन सौ मीटर की दूूरी पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके चलते रेलवे क्रासिंगों पर यातायात भी कुछ देर के लिए बंद रहा।
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अयोध्या व वाराणसी के दौरे पर गए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की प्रेसिडेंशियल ट्रेन सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर जिले की सीमा में प्रवेश हुई। प्रेसिडेंशियल ट्रेन के स्वागत के लिए डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी अनुराग वत्स, स्टेशन अधीक्षक पियूष वर्मा समेत तमाम अधिकारी सुबह नौ बजे ही बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। इसके बाद ट्रेन 9 बजकर 27 मिनट पर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन आते ही सभी अधिकारी मुस्तैद हो गए।
डीएम-एसपी समेत सभी अधिकारियों ने उप राष्ट्रपति को सलामी दी। हालांकि जिले में किसी भी रेलवे स्टेशन पर प्रेसिडेंशियल ट्रेन का ठहराव नहीं था। इस दौरान सफेदाबाद, रसौली, रफीनगर, सैदखानपुर, दरियाबाद रेलवे स्टेशनों पर भी अधिकारी व कर्मचारी उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के स्वागत में खड़े नजर आए। प्रेसिडेंशियल ट्रेन सफेेदाबाद से दरियाबाद रेलवे स्टेशन की सीमा तक करीब 55 किमी. लंबी दूरी तक जिले में रही। ट्रेन गुजरने के बाद पुलिस प्रशासन के साथ रेलवे के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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छतों पर तैनात रहे जवान, होती रही सफाई
उप राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। रेलवे लाइन पर कूड़ा कचरा हटाने का काम दो दिन से हो रहा था। मगर इस दौरान ट्रेनों के गुजरने के कारण फिर कुछ गंदगी हो गई थी। इसे लेकर भोर में ही करीब 150 कर्मचारी रेलवे लाइन पर पड़े क़ूड़ा कचरा साफ करने के लिए लगा दिए गए थे।
ट्रेन आने से आधा घंटे पहले तक पूरा रेलवे ट्रैक चेक किया जाता रहा। जिन लोगों के घर रेलवे लाइन के आसपास थे वहां सुबह ही पुलिस व अन्य फोर्स के जवान पहुंच गए थे। लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया जबकि जवानों ने छतों पर पहुंचकर कमान संभाल ली थी।
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