बाराबंकी। प्रभु यीशु के बलिदान दिवस गुड फ्राईडे पर शुक्रवार को गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। आराधना व संदेश पाठ के बीच परंपरागत पूजन प्रभु यीशु के अंतिम सात वचन सुनाएं गए। इसी दिन प्रभु यीशु ने मानव के पापों को अपने ऊपर लेकर अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था।
शहर स्थित मेथोडिस्ट चर्च, सेंट एंथोनी स्थित, सियोन चर्च व एबीसी चर्च में शुक्रवार को कोरोना प्रोटोकाल के पालन के साथ प्रार्थना सभा हुई। जिसमें यीशु के संदेश सुनाएं गए। शुक्रवार को दोपहर में मेथोडिस्ट चर्च के पास्टर राजन दास ने प्रार्थना सभा में प्रभु यीशु के वचनों को सुनाया। जिसे सुनकर लोग भावविभोर हो गए।
उन्होंने कहा, मानव जाति के पापों को अपने ऊपर लेकर उद्धार के लिए खुद को सूली पर बलिदान कर दिया। प्रभु यीशु ने सूली पर चढ़ाने वालों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि हे पिता, इन्हें माफ कर क्योंकि यह नहीं जानते कि यह क्या कर रहे हैं। प्रभु यीशु के साथ दो और लोगों को सूूली पर चढ़ाया गया था। उनसे प्रभु ने कहा था कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्ग में होगा।
मेथोडिस्ट चर्च के पास्टर राजन दास ने बताया कि शनिवार का दिन ईसाईयों के लिए मनन चिंतन, आशा और प्रतीक्षा का दिन है। जैसा कि यीशु मसीह की मृत्यु और उसके प्रतापी पुनर्जीवित होने की प्रतीक्षा करते हैं। कोरोना प्रोटोकाल के कारण ईस्टर का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे मेथोडिस्ट चर्च में प्रार्थना होगी।