बाराबंकी। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन सरावगी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का संगम देखने को मिला। भक्तों ने भगवान श्री जिनेंद्र का विधिवत पूजन-अभिषेक कर विश्व शांति की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने भक्ति भाव से नमोकार मंत्र का स्मरण करते हुए श्री जी को पांडुक शिला पर विराजमान किया। इसके बाद जल, दूध, दही, घृत एवं चंदन से पंचामृत अभिषेक कर भगवान को अर्घ्य समर्पित किया। मंत्रोच्चार के बीच श्री जी के मस्तक पर शांतिधारा की गई। पूजन के दौरान श्री जी को वेदी में पुनः विराजमान कर जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल से पूजन और अर्चन किया। जैन धर्मशास्त्रों के अनुसार इन अष्ट द्रव्यों से पूजन करने से संसार के आवागमन से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस मौके पर दीप चंद गंगवाल, प्रकाश चंद्र जैन, तेज कुमार जैन, पवन जैन आदि मौजूद रहे।