बाराबंकी। आंधी-बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेटपटरी हो गई है। सोमवार को करीब 950 गांवों की सप्लाई ठप हुई जो मंगलवार को भी नहीं सुधरी। शहर से लेकर करीब 485 गांवों की करीब साढ़े तीन लाख की आबादी अंधेरे, प्यास और बेबसी से जूझती रही।
मंगलवार सुबह बारिश के दौरान शहर में भी ट्रिपिंग से लोग परेशान रहे और करीब एक घंटे तक सप्लाई बाधित रही। रामसनेहीघाट क्षेत्र में हालात और खराब रहे, जहां तेज आंधी से गिरे पोल और टूटे तारों ने करीब 350 गांवों की बिजली छीन ली। 36 घंटे बाद भी जैदपुर, हथौधा, कोटवासड़क, भीखरपुर और सनौली जैसे कई फीडरों पर आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
विभागीय टीमें मरम्मत में जुटी रहीं लेकिन ग्रामीणों को राहत नहीं मिल सकी। कोटवाधाम क्षेत्र में मरम्मत कार्य हुआ। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में डूडी फीडर की हाईटेंशन लाइन में इंसुलेटर पंचर होने से 35 गांवों की करीब 70 हजार आबादी सुबह से दोपहर तक बिजली-पानी के लिए भटकती रही। मोबाइल चार्जिंग तक ठप हो गई, जिससे लोगों का संपर्क भी टूट गया। घुंघटेर क्षेत्र के शिवपुरी गांव में तो लापरवाही की हद हो गई। यहां ट्रांसफार्मर फ्यूज उड़ने से 20 घरों की बिजली 72 घंटे तक गुल रही। शिकायतों के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में आक्रोश है। दरियाबाद में भी आंधी-बारिश का असर भारी पड़ा। नगर समेत करीब 100 गांवों में 28 घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही।
गर्मी और उमस में लोगों ने पूरी रात अंधेरे में काटी। पेयजल संकट गहराया, इनवर्टर जवाब दे गए और बाजारों पर भी असर पड़ा। जांच में आठ इंसुलेटर फुंकने की वजह सामने आई, जिन्हें बदलने के बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। हैदरगढ़ कस्बा में मंगलवार को तार पर पेड़ गिरने से छह घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।