बाराबंकी। अघोषित बिजली कटौती से आम ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में लखपेड़ाबाग व श्रीराम कॉलोनी में रातभर बिजली गुल रही। इसके अलावा दिन में दो से चार घंटे तक की बिजली कटौती हो रही। सबसे बुरा हाल ग्रामीण इलाकों का है। ग्रामीणों के अनुसार, बिना कोई सूचना के 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है।
एक तरफ गर्मी तो दूसरी तरफ बिजली कटौती से जीना दुश्वार कर दिया है। शहर में बड़ेल के समीप शुक्रवार रात तार टूटने से बड़ेल, दरामनगर, फतहाबाद की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सूचना पर इलाकाई जेई राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और फाल्ट दुरुस्त कराया। करीब दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
इससे करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित रही। लखपेड़ाबाग में भवानी नीम के पास ट्रांसफार्मर में शुक्रवार रात खराबी आ गई। कर्मचारी पहुंचे और दुरुस्त करने लगे लेकिन ट्रांसफार्मर दुरुस्त नहीं हो सका। शनिवार सुबह ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई शुरू हुुई लेकिन रातभर यहां के करीब 20 हजार आबादी को बिन बिजली रात काटनी पड़ी। शुक्रवार रात करीब 11 बजे श्रीराम कॉलोनी में एक जगह तार टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
सुबह सात बजे तार जोड़ने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हुई। इसके अलावा मोहारी पुरवा, लखपेड़ाबाग (आंशिक), डिवाइन सिटी, शिवाजीपुरम में कई चरणों में दो से चार घंटे बिजली कटौती की गई। अधिशासी अभियंता आरके मिश्र का कहना है कि एसडीओ व जेई को सतत मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। फाल्ट दुरुस्त करने के लिए टीम बनाई गई है जो दिन व रात किसी भी समय फाल्ट को दुरुस्त करती है।
ग्रामीण अंचलों की स्थिति बेहद खराब है। अघोषित कटौती से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, दस घंटे बिजली कटौती की गई। इससे करीब 80 हजार की आबादी प्रभावित रही। जेई अमन सिंह का कहना है कि बिजली आपूर्ति रोस्टिंग के हिसाब से दी जा रही है। कुछ दिक्क़ते आ रही हैं, सुधार किया जा रहा है।
रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार जैदपुर, इचौली, अलादासपुर, कोटवासड़क सहित टाउन में लगातार 10 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। मालिनपुर, भिटरिया, दरौली, बनीकोडर, महाराजगंज, जयरामपुरवा, पैशनपुरवा, शाहपुर, मोरारपुर समेत डेढ़ सौ गांवों में 8 से 10 घंटे बिजली कटौती की गई। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित रही।
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र को अघोषित बिजली कटौती से राहत नहीं मिली है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को तो रात में मुश्किल से डेढ़ घंटा बिजली मिली तथा कस्बा के हालात भी इससे अलग नहीं हैं। रनापुर, पेचरुआ, भियामऊ, रौनी, वैदनखेर, गोतौना, बबुआपुर, अंसारी करीब 40 गांवों में पूरी रात दो बार में मुश्किल से डेढ़ घंटे बिजली मिली। सुबेहा, कोठी व सिद्धौर में भी दस से बारह घंटे की कटौती होने से उपभोक्ता परेशान हैं। अधिशाषी अभियंता सत्येंद्र पांडेय का कहना है कि गर्मी में मांग बढ़ने पर अतिरिक्त कटौती हो जाती है। कटौती के बारे में पहले से पता नहीं हो पाता है।