देवा (बाराबंकी)। बारिश और ओलावृष्टि के चलते देवा से लेकर फतेहपुर तक की पोटैटो बेल्ट में आलू खोदाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। आलू खोदाई बंद होने के बाद मंडियों में आलू की मांग के चलते इसकी कीमतों मे 200 रुपये तक का उछाल आया है, जिससे घरों में डंप किए गए आलू के किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।
पोटैटो बेल्ट देवा व फतेहपुर क्षेत्र आलू उत्पादन को लेकर देश में अग्रणी स्थान रखता है। यहां पर पैदा होने वाले राजेंद्र वन (लाल आलू) की देश व विदेश की मंडियों में मांग रहती है। आलू की खोदाई के समय बारिश व ओलावृष्टि हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में आलू की खोदाई और आपूर्ति बंद हो गई है। माना जा रहा है कि खेत सूखने में सात से 10 दिन लग जाएंगे, तभी खोदाई शुरू हो पाएगी। बारिश से पूर्व आलू 1200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा था।
बारिश के बाद सोमवार को आलू का भाव प्रति क्विंटल 1400 रुपये तक पहुंच गया है। जिन किसानों का आलू खेत से उठकर घरों में पहुंच गया था, वह किसान बढ़े भाव से आलू बेचकर खुश हो रहे हैं। फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम इसरौली निवासी भानु यादव बताते हैं कि उन्होंने बारिश से पूर्व ही अपना आलू खोदकर घर के हाते में डंप किया था। अब व्यापारी उन्हें इस आलू का अच्छा भाव दे रहे हैं। वहीं, देवा के लालापुर निवासी नरेश मौर्य बताते हैं कि उन्होंने आलू खोदने की तैयारी की ही थी। इसी दौरान बारिश हो गई और आलू खोदाई में लेट हो गया है। वर्तमान भाव तो किसानों के लिए बहुत मुफीद है, लेकिन अब आगे आलू खोदाई के बाद क्या भाव मिलेगा, यह नहीं कहा जा सकता।