दरियाबाद (बाराबंकी)। दरियाबाद से छह बार के विधायक रहे राजीव कुमार सिंह उर्फ राजा हड़ाहा ने टिकट कटने के बाद बगावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों को आमंत्रित किया, भीड़ जुटी तो भावुक हो गए। उनके आवास पर जमकर नारेबाजी हुई। इसके बाद उन्होंने कहा कि जो होना है वह होगा, दो दिन तक अभी पार्टी के फैसले का इंतजार करेंगे। उसके बाद समर्थकों व शुभचिंतकों से बात कर फैसला लेंगे।
समाजवादी पार्टी में जिले के तीन दिग्गज नेता गोप, राकेश व फरीद को समायोजित करने के फार्मूले का सबसे ज्यादा असर दरियाबाद में ही पड़ा है। निर्दलीय, कांग्रेस, भाजपा व सपा से छह बार दरियाबाद से विधायक चुने गए पिछली सपा सरकार में मंत्री भी रहे राजा राजीव कुुमार सिंह इस बार अपने पुत्र को सियासत की विरासत सौंपकर राजनीति से सन्यास की तैयारी में थे। 32 साल के सार्वजनिक जीवन में चुनावी हार को छोड़ दिया जाए तो उन्हें यह पहला झटका था जब सपा ने टिकट नहीं दिया।
इसकी खबर लगने के बाद एक मैसेज सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि 0789 सरकार जिंदाबाद, दरियाबाद जिंदाबाद और बृहस्पतिवार को 12 बजे दिन में सभी को हड़ाहा आने के लिए आमंत्रित किया गया। दोपहर भीड़ जुटी, कुछ सपा के कार्यकर्ता और राजा के समर्थक जुटने शुरू हो गए। ट्विटर, फेसबुक व व्हाट्सएप पर आक्रोश के संदेश भी प्रसारित होने लगे।
सपा और दूसरे दलों की निगाहें राजा के अगले कदम पर टिकी थीं। काफी देर बाद राजा ने कहा कि जो होना है वह तो होगा ही। नेतृत्व के फैसले का दो दिन तक इंतजार करेंगे। उसके बाद अपने 32 साल की सेवा को लेकर समर्थकों, शुभचिंतकों और मतदाताओें से सलाह लेकर आगे का फैसला किया जाएगा। इस दौरान राजा के समर्थक जमकर नारेबाजी भी कर रहे थे। उनका आक्रोश देखने लायक था।