बाराबंकी। जिले के 15 ब्लॉक प्रमुख की सीटों के लिए घोषित चुनाव परिणाम ने विधायकों की जमीन कितनी मजबूत है, इसकी हकीकत की तस्वीर खींच दी है। पूरे पंचायत चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो जनता और जनप्रतिनिधियों ने जो जनादेश दिया है, उसमें जिले की छह में से पांच सीटों पर कोई भी विधायक मजबूत नहीं दिखाई दिया।
जिस तरह टिकट वितरण से लेकर विधायकों और पदाधिकारियों ने मनमानी की है, उससे अवसरवादियों और भितरघातियों को ही तवज्जो मिला है। विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल चुनाव कहे जाने वाले पंचायत चुनाव परिणामों से सबक लेकर प्रदेश नेतृत्व तैयार न हुआ तो दलों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव टिकट से लेकर चुनाव परिणामों तक सत्तारूढ़ भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला ही नहीं रहा बल्कि दोनों दलों के नेताओं के बीच शह और मात का खेल अंतिम समय तक चला।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भले ही भाजपा ने कब्जा कर लिया हो किंतु इन्हें चुनने वाले 57 डीडीसी में से 30 निर्दलीय जीते थे। तो सपा अपने विजयी सदस्यों को भी नहीं बचा पाई। इसके बाद शनिवार को जिले के 15 ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा नौ, सपा चार और दो निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है।
भाजपा को बढ़त और सपा को भले ही भारी नुकसान हुआ हो किंतु विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहे जाने वाले इस चुनाव में दरियाबाद विधायक अपने क्षेत्र की सभी सीटें जिताने में कामयाब रहे। इसके अलावा कोई भी विधायक अपनी साढ़े चार साल की उपलब्धियों को भुना नहीं पाया।
कुर्सी में भाजपा को दोनों ब्लॉक निंदूरा और फतेहपुर में हार का सामना करना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि यहां पर पार्टी के जिम्मेदार लोग भितरघात कर गए और टिकट को लेकर छिड़ेेेे विवाद में निंदूरा के मंडल अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष को भेज दिया। मगर पार्टी नेताओं ने मनौव्वल कर देर शाम तक मना लिया।
रामनगर विधानसभा सीट पर भाजपा ने सूरतगंज और रामनगर में जीत दर्ज की है। किंतु सिरौलीगौसपुर में पार्टी ने ऐसे को टिकट दिया जिसने मतदान से एक दिन पहले सपा का दामन थामकर दावेदारी वापस ले ली। इससे पार्टी और क्षेत्रीय विधायक की जीत के जश्न से ज्यादा फजीहत का सामना करना पड़ा।
हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी कमोबेश हालात ऐसे ही रहे। यहां के त्रिवेदीगंज ब्लॉक में भाजपा ने जिसे टिकट दिया वह हार गया और बागी ने चुनाव जीत लिया। भाजपा के इन चोरों विधायकों में दरियाबाद को छोड़कर तीन अन्य भले ही अपनी जीत के आगे हार को छिपाने की कोशिश करें पर चुनाव परिणाम ने उन्हें उनकी जमीन जरूर दिखा दी।
समाजवादियों का गढ़ रहे इस जिले में सपा के दो विधायक सदर से सुरेश यादव बंकी सीट पर निर्विरोध जीत कर अपनी पीठ थपथपा रहे हों किंतु इसी विधानसभा क्षेत्र की देवा ब्लॉक में भाजपा ने सपा को हरा दिया। दूसरे जैदपुर के विधायक गौरव रावत मसौली ब्लॉक में कड़े मुकाबले के बाद चुनाव जीत तो गए पर इसी विधानसभा क्षेत्र के हरख ब्लॉक में पार्टी किसी प्रत्याशी को नहीं उतार सकी और भाजपा को निर्विरोध चुना गया।
छह विधानसभा सीट में सपा और भाजपा के बीच जो मुकाबला हुआ और परिणाम सामने आए हैं, उसे लेकर प्रदेश नेतृत्व समय पर ना चेता तो 2022 में इसका खामियाजा दलों को भुगतना पड़ सकता है।