त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी चयन में जमकर धांधली हो रही है। गांव में कुछ चुनिंदा परिवारों को जहां दस साल में ही दोबारा आवास का लाभ दे दिया गया वहीं आश्रयहीन कई परिवार आज भी लाभ से वंचित हैं। कहीं पत्नी के बाद पति के नाम आवास दे दिया तो कहीं उसी नाम पर दोबारा आवास आवंटित कर दिया गया है।
केंद्र सरकार आश्रयहीन गरीब परिवारों को सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए रुपया दे रही है। गरीबों का लाभ कहीं धनाढ्य अपात्र हड़प न कर लें इसके लिए कई चरणों में पात्रता की जांच कराई जाती है। मगर पंचायत व ब्लॉक कर्मियों की मिलीभगत के कारण योजना में धांधली पर अंकुश नहीं लग रहा है और कुछ चुनिंदा परिवार ही आवास का धन हड़प रहे हैं।
ब्लॉक के रौनी गांव में वर्ष 2019 में राजरानी पत्नी लक्ष्मी नारायण को आवास का लाभ मिला था। नौ वर्ष बाद इस बार लक्ष्मी नारायण को दोबारा आवास का लाभ दे दिया गया। बैंक खाते से आवास की पहली किस्त निकालकर खर्च भी कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले से बने मकान का दुरुस्ती करण कर पीएम आवास का रुपया हड़पा जा रहा है।
ग्राम विकास अधिकारी कुलदीप को पहले तो इसकी जानकारी ही नहीं थी लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने दूसरी किस्त का रुपया बैंक खाते से निकालने पर रोक लगाने का दावा किया है। इसी प्रकार मोहम्मदपुर पंचायत में हनोमान को वर्ष 2008 में आवास का लाभ मिला था। इनको भी दोबारा आवास का लाभ बिना जांच किए दिया गया है।
इसी गांव में पहले से पक्के मकान में परिवार के साथ रह रही ज्योति व हंस कुमार को पीएम आवास का लाभ दिया गया है। गांव के जगदेव आदि ने सीडीओ से शिकायत की लेकिन कोई जांच नहीं हुई। खंड विकास अधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि दोबारा उन्हीं परिवारों को आवास का लाभ मिलने का मामला गंभीर है। जांच में आरोप सही मिलने पर आवास के रुपए वापस जमा कराए जाएंगे।