जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए कक्ष के बाहर खड़े मरीज। -संवाद
बाराबंकी। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को दिखा। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि डॉक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेने तक मरीज धक्के खाते दिखे। डिप्टी सीएम की फटकार, जिलाधिकारी की नाराजगी के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार होता दिख नहीं रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को करीब 1736 मरीज देखे गए। इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के अलावा पेट दर्द के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि इलाज के लिए सुबह से ही मरीजों की लाइन लग गई।
पहले परचा बनवाने के लिए घंटों जूझना पड़ा, इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए मरीज धक्के खाते रहे। रामशंकर ने बताया कि सुबह नौ बजे आ गए थे, डेढ़ बज गया है, अब जाकर दवा मिल पाई है।
गोविंद ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। दिखाने के लिए सुबह करीब साढ़े आठ बजे आ गए थे। एक घंटा तो केवल परचा बनवाने में ही लग गया। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और दवाई लेने में करीब दो घंटे लग गए। जब जांच कराने पहुंचे तो बताया गया कि समय समाप्त हो चुका है, अब अगले दिन आना।
वहीं ओपीडी में जीने पर बैठीं कामिनी देवी ने बताया कि पेट दर्द के चलते वह दवा लेने के लिए आई थी पर भीड़ इतनी ज्यादा है कि हिम्मत नहीं पड़ रही है। वहां मौजूद गार्ड की मदद से इन्हें दवा दिलाई गई। अस्पताल का डिप्टी सीएम से लेकर डीएम तक निरीक्षण कर चुके हैं, इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।